शिक्षकों के अगस्त वेतन का भुगतान नहीं, ऑफलाइन प्रशिक्षण स्थगित करने की भी मांग

झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने 29 सितंबर तक ऑफलाइन प्रशिक्षण स्थगित करने और शिक्षकों का बकाया वेतन जारी करने की मांग की है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

रांची. झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों के ऑफलाइन प्रशिक्षण की प्रक्रिया 29 सितंबर तक स्थगित करने की मांग की है. संघ के प्रदेश महासचिव गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि फिलहाल राज्य में शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण चल रहा है. इसके बीच 14 सितंबर से ऑफलाइन प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है.

एसआइआर कार्य में प्रतिनियुक्त हैं शिक्षक

संघ का कहना है कि राज्यभर में बड़ी संख्या में शिक्षक एसआइआर के कार्य में प्रतिनियुक्त हैं. इसके अलावा पर्व-त्योहार का समय भी है. ऐसे में एक साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण की प्रक्रिया से शिक्षकों को परेशानी होगी. संघ ने मांग की है कि पहले ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा कराया जाये और इसके बाद ऑफलाइन प्रशिक्षण शुरू किया जाये.

इस संबंध में संघ की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा गया है. संघ ने शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान जल्द कराने की मांग भी की है.

अगस्त का वेतन अब तक नहीं मिलने की बात

संघ के अनुसार हाइस्कूल शिक्षकों को अगस्त माह का वेतन अब तक नहीं मिला है. जिलों की ओर से जुलाई माह का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजे जाने के कारण निदेशालय स्तर से वेतन भुगतान के लिए राशि आवंटित नहीं की गयी है. संघ ने उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने और शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान कराने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sunil Jha

सुनील कुमार झा प्रभात खबर के प्रमुख संवाददाता हैं और उन्हें पत्रकारिता में करीब 20 वर्षों का अनुभव है. झारखंड में शिक्षा से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनायी है. शिक्षा विभाग की ब्रेकिंग खबरों और नीतिगत फैसलों की सटीक रिपोर्टिंग के लिए वे जाने जाते हैं. उनकी कई रिपोर्टों को आधार बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव भी हुए हैं. शिक्षा व्यवस्था से जुड़े जमीनी मुद्दों, विभागीय निर्णयों और नीतिगत बदलावों पर उनकी पैनी नजर रहती है. वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके सटीक चुनावी विश्लेषण भी काफी प्रभावी रहे. चुनावी घटनाक्रम और राजनीतिक परिस्थितियों के विश्लेषण में उनकी रिपोर्टिंग को पाठकों के बीच विशेष महत्व मिला. शिक्षा के अलावा वह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा उत्पाद विभाग की भी रिपोर्टिंग करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >