Political news : शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में संशोधन किया जाये

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में त्रुटियों को लेकर विभिन्न संगठनों ने आपत्ति जतायी है.

रांची.

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली में त्रुटियों को लेकर विभिन्न संगठनों ने आपत्ति जतायी है. संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इन त्रुटियों में सुधार करने के बाद ही नियमावली को लागू किया जाये. खूंटकटी मुंडा धर्म समाज रातू शाखा, मुंडारी साहित्य परिषद और आदिवासी मुंडारी भाषा संस्कृति बचाओ संघर्ष समिति सहित अन्य संगठनों ने कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2025 के अंतर्गत जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की सूची गलत ढंग से जारी की गयी है. संगठनों ने कहा कि नियमावली में खूंटी क्षेत्र के लिए जिन भाषाओं का चयन किया गया, उनमें कुड़ुख और खड़िया शामिल हैं, जबकि खूंटी मुंडारी भाषा का क्षेत्र है. खूंटी के लिए मुंडारी भाषा का चयन किया जाना चाहिए था.

मुंडारी प्राचीन भाषाओं में से एक है

खूंटकटी मुंडा धर्म समाज के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष मुंडा ने कहा कि कि मुंडारी प्राचीन भाषाओं में से एक है. मुंडारी साहित्य परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है. प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर चिंता जतायी है कि खूंटी जैसे सघन मुंडा आबादी वाले जिले में दूसरी भाषा को थोपा गया है. परिषद के डॉ बीरेंद्र कुमार सोय, डॉ अजीत मुंडा सहित अन्य ने खूंटी विधायक राम सूर्य मुंडा को भी इस मामले से अवगत कराया. आदिवासी मुंडारी भाषा संस्कृति बचाओ संघर्ष समिति के चंद्रप्रभात मुंडा, बिनसाय मुंडा सहित अन्य ने इस मामले पर मुख्यमंत्री व खूंटी उपायुक्त को पत्र लिखकर नियमावली में संशोधन करने की मांग की है.

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Published by: Rajiv kumar

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