Suvendu Adhikari, रांची/सरायकेला (आनंद मोहन और शचिंद्र दाश की रिपोर्ट): पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को नेता चुने जाने का झारखंड के भाजपा नेताओं ने जोरदार स्वागत किया है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए अध्याय की शुरुआत बताया है.
ऐतिहासिक विजय और कार्यकर्ताओं का बलिदान
पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने शुभेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनना उन लाखों राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा और अपमान सहकर भी ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को जीवित रखा. उन्होंने कहा, “आज गंगोत्री से गंगासागर तक भगवा विजय का प्रतीक बनकर लहरा रहा है. यह उन कर्मयोगियों के तप का फल है जिन्होंने राष्ट्रवाद की मशाल कभी बुझने नहीं दी.”
जनजातीय समाज का बढ़ा विश्वास
अर्जुन मुंडा ने चुनाव परिणामों के विश्लेषण में विशेष रूप से जनजातीय समाज की भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी 16 सीटों पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत यह दर्शाती है कि जनजातीय समाज का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर मजबूत हुआ है. विशेषकर ‘जंगलमहल’ के क्षेत्रों में जनता ने तुष्टिकरण के बजाय विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति को चुना है.
भ्रष्टाचार और घुसपैठ मुक्त बंगाल का संकल्प
इधर, रांची में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह अवसर देश के राजनीतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है. उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवाद के सपनों को अब धरातल पर उतारा जाएगा. वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल अब भ्रष्टाचार और घुसपैठ की राजनीति से मुक्त होगा. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब भयमुक्त वातावरण और महिला सम्मान के साथ आगे बढ़ना चाहती है.
अंधेरा छंटा, खिला कमल: संगठन महामंत्री
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा, “अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा.” उन्होंने कहा कि बंगाल में आज विकास का नया आयाम स्थापित करने का समय आ गया है. नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि बंगाल की भूमि सदैव राष्ट्र जागरण की केंद्र रही है और अब समय आ गया है कि ‘वंदे मातरम्’ की यह पवित्र भूमि फिर से अपने सांस्कृतिक स्वाभिमान के साथ विश्व पटल पर खड़ी हो.
