रांची से राजेश झा की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के ऑक्सफोर्ड स्कूल में शुक्रवार को चौथे मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन ओपीएसएमयूएन 4.0 का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने वैश्विक मुद्दों पर गंभीर विमर्श, कूटनीति, नेतृत्व क्षमता और तार्किक सोच का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. पूरे दिन चले इस सम्मेलन में विद्यार्थियों ने संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न समितियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान पर बहस और चर्चा की.
समाज को जोड़ते हैं अच्छे पत्रकार और राजनयिक
मुख्य अतिथि प्रभात खबर के प्रधान संपादक अंकित शुक्ला ने कहा कि आर्ट ऑफ कम्युनिकेशन हमारे जीवन संवाद पर टिका हुआ है. हमारे संवाद का तरीका ही निर्णायक है. पत्रकारिता के क्षेत्र में भी संवाद, तथ्य और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है. एक अच्छा पत्रकार और एक अच्छा राजनयिक दोनों समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं. प्रभात खबर अब मल्टी मीडिया हाउस हो गया है, जो झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल में फैला हुआ है. जो लोगों की जरूरत के हिसाब से कार्य कर रहा है.
विश्व में लगातार बढ़ रहीं चुनौतियां
वहीं सम्मेलन के विषय पर हुई चर्चा पर उन्होंने कहा कि मॉडल यूनाइटेड नेशंस केवल भाषण और वाद-विवाद का मंच नहीं है, बल्कि यह युवाओं को नेतृत्व, कूटनीति, संवाद, सहिष्णुता और वैश्विक सोच सीखने का एक सशक्त माध्यम है. आज विश्व में चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को यह सिखाते हैं कि समस्याओं का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग से निकाला जा सकता है. उन्होंने ज्ञान, वक्ता, विश्वास, अच्छी नीयत, अच्छा स्रोता होने की बात कही. अंत में उन्होंने तनवीर गाजी की कुल् लाइनें सुना को छात्रों को प्रेरित किया.
तू खुद की खोज से निकल, तू किस लिए हताश हैं,
तू चल तेरे वजूद की, समय को भी तलाश है…..
स्कूल के प्रिंसिपल ने बच्चों को दी प्रेरणा
विद्यालय के प्राचार्य रंजीत कुमार ठाकुर ने विद्यार्थियों को जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा कि मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसे आयोजन छात्रों में नेतृत्व, संवाद कौशल, आत्मविश्वास और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. विद्यालय की शैक्षणिक निदेशक डॉ सिमी मेहता ने विद्यार्थियों को सकारात्मक संवाद, कूटनीतिक सोच और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही.
सम्मेलन में छात्रों ने की कई विषयों पर चर्चा
सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी), ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) तथा अंतरराष्ट्रीय प्रेस परिषद (आइपीसी) जैसी विभिन्न समितियों का गठन किया गया. इन समितियों में प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मानवाधिकार, वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और कूटनीतिक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा की. छह विस्तृत सत्रों के दौरान विद्यार्थियों ने नीति-निर्माण, वाद-विवाद और समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
इन स्कूलों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में डीपीएस, संत थॉमस, संत जेवियर्स कॉलेज, जेवीएम श्यामली, केराली स्कूल, डीएवी बरियातू, सरला-बिरला, आर्मी स्कूल, अमेटी यूनिवर्सिटी तथा अन्य संस्थानों के विद्यार्थियों शामिल थे. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. जिसमें भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध विरासत को मनमोहक अंदाज में दर्शाया गया. संत जेवियर्स कॉलेज में राजनीति विज्ञान के शिक्षक डॉ श्रेया पांडेय व सीयूजे में सहायक प्राध्यापक डॉ विभूति भूषण विश्वास ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के महत्व से अवगत कराया.
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों पुरस्कृत
सम्मेलन में विभिन्न समितियों के उत्कृष्ट प्रतिनिधियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. यूएनजीए में कृष को सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि चुना गया, जबकि यूएनएचआरसी में अमनदीप सिंह और यूएनएससी में रेयांश राणा ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इसके अलावा अन्य समितियों में भी उत्कृष्ट वक्तृत्व, कूटनीति और नेतृत्व क्षमता दिखाने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया.
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