Political news : कांग्रेस में हलचल, जिलाध्यक्ष के लिए लाॅबिंग तेज, बड़े नेताओं को दी गयी चयन की जिम्मेवारी

पूर्व मंत्री से लेकर एमपी-एमएलए को बनाया गया पर्यवेक्षक. प्रदेश के नेताओं तक पहुंच रही है पैरवी.

रांची.

आनेवाले दिनों में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष का संगठन में कद बढ़ने वाला है. जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को पावर सेंटर बनाने का फॉर्मूला केंद्रीय आला कमान ने तैयार किया है. जिलाध्यक्षों का भी पावर बढ़ना है. जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर संगठन में प्रक्रिया बदली है. प्रदेश कांग्रेस के अंदर हलचल बढ़ गयी है. अलग-अलग राज्यों से जिलाध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक बनाये गये हैं. केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व मंत्री व पूर्व स्पीकर से लेकर सांसद-विधायक को जिलाध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक बनाया है. इनके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने गाइडलाइन तय किये हैं. इधर, कांग्रेस में जिलाध्यक्ष को लेकर लॉबिंग भी तेज है. एक पर्यवेक्षक के साथ प्रदेश के तीन-तीन नेताओं को सहयोग के लिए लगाया गया है. पर्यवेक्षक के साथ जुड़े इन नेताओं का भी भाव बढ़ा हुआ है. प्रदेश के नेताओं की भूमिका के बाद जिलाध्यक्ष अपने-अपने नेताओं तक दावेदारी पहुंचा रहे हैं. हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व चयन प्रक्रिया को लेकर सख्त है.

सात से 10 दिनों तक पर्यवेक्षक को करना है प्रवास

जिलाध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षकों को जिला में सात से 10 दिनों तक कैंप करना है. चयन से पूर्व संगठन के लोगों के साथ सामाजिक व अन्य संगठनों से भी फीडबैक हासिल करना है. जिलाध्यक्ष की दावेदारी करने वाले का पूरा प्रोफाइल देखा जायेगा. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा से लेकर उनकी सक्रियता सबकुछ मायने रखेगी. एक जिला से छह लोगों की सूची केंद्रीय नेतृत्व के पास जायेगी. जिलाध्यक्ष के चयन में प्रदेश की भागीदारी को कम से कम किया गया है. चयन प्रक्रिया में जातीय समीकरण का भी ध्यान रखने को कहा गया है.

ये बने हैं पर्यवेक्षक

हीना कावेरे (पूर्व डिप्टी स्पीकर), श्याम कुमार बरवे (सांसद), मलेंद्र राजन (विधायक), दिनेश गुज्जर (विधायक), सूर्य सिंह ठाकुर (एआइसीसी सदस्य), अनंत पटेल (विधायक), यशोमति ठाकुर (पूर्व मंत्री) इमरान खेड़ावाला (विधायक), आरसी कुंतिया (पूर्व सांसद), रघु शर्मा (पूर्व एआइसीसी सदस्य), सुदिव्य रॉय वर्मन (पूर्व विधायक दल के नेता), अरुण यादव (एमपी के पूर्व अध्यक्ष), मणिकारो ठाकरे (सदस्य सीडब्लूसी), सुनील केदार (पूर्व मंत्री), मोहन मार्कम (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष), अब्दुल खालिक (पूर्व सांसद), आमे याजनिक (सदस्य सीइसी), प्रेम साई (पूर्व मंत्री), विजय इंदर सिंगला (पूर्व मंत्री), फूलो देवी नेताम (सांसद), प्रभु तोकिया (पूर्व अध्यक्ष), विश्वरंजन मोहंती (पूर्व एआइसीसी सचिव), एचएस लक्की, सज्जन सिंह वर्मा (पूर्व मंत्री).

प्रदेश के बड़े नेता जो पर्यवेक्षक के साथ रहेंगे

डॉ रामेश्वर उरांव, सुखदेव भगत, कालीचरण मुंडा, राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय, शिल्पी नेता तिर्की, राजेश कच्छप, राजेश ठाकुर, अंबा प्रसाद, फुरकान अंसारी, धीरज प्रसाद साहू, बंधु तिर्की, बन्ना गुप्ता, योगेंद्र साव, जलेश्वर महतो, बादल पत्रलेख, अनूप सिंह, आलोक दुबे, जेपी पटेल व यशस्विनी सहाय.

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Published by: Rajiv kumar

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