Ranchi news : डीजल पर वैट की दर संशोधित करेगी राज्य सरकार, कैबिनेट भेजा गया प्रस्ताव

बल्क कंज्यूमर्स को झारखंड से ही डीजल खरीदने के लिए किया जायेगा प्रेरित. पड़ोसी राज्यों में वैट की दर कम है, इसलिए वहीं से डीजल खरीद रहा उद्योग जगत.

विवेक चंद्र, रांची.

राज्य सरकार वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) की दर में संशोधन करेगी. वाणिज्य कर विभाग ने बल्क कंज्यूमर्स को झारखंड से ही डीजल खरीदने को प्रोत्साहित करने के लिए वैट के प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव तैयार किया है. उत्तर प्रदेश, बंगाल और ओडिशा में वैट की दर कम होने से झारखंड स्थित कोयला कंपनियों और उद्योगों के इस्तेमाल के लिए डीजल की खरीदारी पड़ोसी राज्यों से की जा रही है. राज्य की कोयला कंपनियों और उद्योगों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में लुभावना विकल्प देने के उद्देश्य से वैट की दर में संशोधन प्रस्तावित है. प्रस्ताव को वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है. आठ अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जायेगा.

राजस्व में 100 करोड़ से अधिक का इजाफा संभावित

झारखंड में डीजल के बल्क कंज्यूमर्स को अब तक किसी तरह की छूट नहीं दी जा रही है. राज्य में डीजल पर 22 फीसदी या 12.50 रुपये में जो ज्यादा होगा, उसे वैट के रूप में वसूली का प्रावधान है. वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रस्तावित संशोधन कोयला कंपनियों और उद्योगों जैसे डीजल के बल्क कंज्यूमर्स को फायदा पहुंचानेवाला है. झारखंड से ही डीजल की खरीदारी करने पर बल्क कंज्यूमर्स का ट्रांसपोर्ट खर्च कम होगा. वहीं, राज्य को मिलनेवाले राजस्व में भी वृद्धि होगी. विभाग का आकलन है कि बल्क कंज्यूमर्स के झारखंड से ही डीजल की खरीदारी करने पर राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व में 100 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हो सकता है.

वैट की वसूली में 6.05 प्रतिशत की गिरावट

झारखंड में वैट की वसूली वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 6.05 प्रतिशत कम हुई है. हालांकि, झारखंड प्रोफेशनल टैक्स (जेपीटी) और झारखंड एक्साइज ड्यूटी (जेइडी) की वसूली की में भी गिरावट दर्ज की गयी है. लेकिन यह कमी क्रमश: 0.04 प्रतिशत व 2.02 प्रतिशत की ही है.पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में नन जीएसटी टैक्स में आयी कमी का बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम पदार्थों से संबंधित है.इसी कारण राज्य सरकार डीजल के बल्क कंज्यूमर्स को लुभाने के लिए वैट के प्रावधानों में बदलाव करने पर विचार कर रही है.

वर्जन

बल्क कंज्यूमर्स के लिए वैट के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है. प्रस्तावित संशोधन से आम लोग प्रभावित नहीं होंगे. संशोधन से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होने के साथ यहां के उद्यमियों और कोल कंपनियों के ट्रांसपोर्ट खर्च में कमी आयेगी.

– राधाकृष्ण किशोर, वित्त मंत्री, झारखंडB

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