Ranchi news भाभी जी 10 वर्षों से बेच रही थी ब्राउन शुगर

यूपी से ब्राउन शुगर लाकर उसमें दूसरा नशीला पाउडर मिला कर बेचती थी

: यूपी से ब्राउन शुगर लाकर उसमें दूसरा नशीला पाउडर मिला कर बेचती थी : 29 अप्रैल 2025 को भाभी जी ने रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. वरीय संवाददाता, रांची पूरे राजधानी में ब्राउन शुगर की किंग पिन भाभीजी उर्फ रूबी देवी का पूरा खानदान 10 वर्षों से इस अवैध कारोबार में संलिप्त है. वह बिहार के सासाराम जिला के रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कारगर गांव की निवासी है. उसके पति इंद्रदेव साह भी इसी धंधे में लिप्त है. रांची पुलिस ने भाभी जी को तीन दिनों के रिमांड पर लेकर पूछताछ की. भाभी जी के नाम से चर्चित रूबी देवी ने पुलिस को बताया कि वह यूपी से ब्राउन शुगर लाकर उसमें दूसरा नशीला पाउडर मिलाकर बेचती थी. उसका भाई पिंटू साह, छोटी बहन का पति प्रिंस,देवर सूरज कुमार साह पूरा परिवार इसी धंधे में लिप्त है. उक्त आरोपियों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है. राजधानी के हर थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर का कारोबार करने वाले भाभी जी से ही ब्राउन शुगर खरीदते थे और रांची लाकर बेचते थे. राजधानी में ब्राउन शुगर का मुख्य सरगना कन्हैया भी भाभी जी से ही ब्राउन शुगर खरीद कर लाता और अपने पैडलरों को कमीशन व वेतन देकर उनसे ब्राउन शुगर की बिक्री कराता था. वह कई सालों तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था. लेकिन पुलिस ने कन्हैया के गुर्गे को ही अपना आदमी बना कर उसे (कन्हैया) गिरफ्तार किया था. वर्तमान में जेल में है. भाभी जी पर सुखदेवनगर थाना में 13, कोतवाली में दो , लोअर बाजार में दो, गोंदा में एक, खेलगांव, जगन्नाथपुर के पुंदाग, अरगोड़ा थाना सहित कई थाना में केस दर्ज है. ब्राउन शुगर का कारोबार करने वाला जो गिरफ्तार होता था, वह भाभी जी के पास ब्राउन शुगर लाने की बात करता था. भाभी जी के घर पर कारोबारियों की भीड़ लगती थी रांची में ब्राउन शुगर का धंधा करने वाले युवक भाभी जी से ही ब्राउन शुगर खरीदते थे. रांची पुलिस के अनुसार, भाभी जी के घर पर रांची के धंधे बाजों का जमावड़ा लगता था. रांची पुलिस के गुप्तचर ने यह जानकारी दी थी. रांची के ब्राउन शुगर के सभी कारोबारी भाभी जी से ही ब्राउन शुगर खरीदते थे. भाभी जी का मायका भी ससुराल से थोड़ी दूरी पर है. मायका और ससुराल दोनों खानदान मिलकर यह कारोबार करता था. भाभी जी पर रांची पुलिस ने शिकंजा कसा था, उसके घर की कुर्की जब्ती का वारंट ले लिया था.उसके बाद भाभी जी ने सिविल व हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत लेने का प्रयास किया था. लेकिन उसे अग्रिम जमानत नहीं मिली थी. उसके बाद 29 अप्रैल 2025 को उसने रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.

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Published by: Deepesh kumar

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