Ranchi News : श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा के अंतिम दिन स्वामी सदानंद जी महाराज ने कहा : दूसरों को सुख देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं

Ranchi News : स्वामी सदानंद जी महाराज ने कहा कि दूसरों को सुख देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है. वहीं दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं है.

रांची़ स्वामी सदानंद जी महाराज ने कहा कि दूसरों को सुख देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है. वहीं दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं है. वे श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर में श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा के अंतिम दिन भक्तों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मन, वाणी समस्त इंद्रियों द्वारा जो भी करें, वह सब भगवान को समर्पित करते हुए करें. यही भागवत धर्म है. जिसके हृदय में वैराग्य जागृति हो, उसके लिए घर ही तपोवन है. जो लोग भगवान की लीलाओं को श्रद्धा के साथ नित्य श्रवण करते हैं, उनके हृदय में थोड़े ही समय में भगवान प्रकट हो जाते हैं. कथा के दौरान कलाकारों ने विभिन्न प्रसंग पर जीवंत झांकियां प्रस्तुत की. कथा के यजमान सुनीता अग्रवाल, राजू अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, विजय अग्रवाल, पूनम अग्रवाल और नवल अग्रवाल थे. प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा का समापन हुआ.

संतों, भजन गायकों और संगीतकारों को सम्मानित किया

ट्रस्ट ने स्वामी सदानंद जी महाराज, देश-विदेश से आये संतों, भजन गायकों और संगीतकारों को सम्मानित किया. स्वामी सदानंद महाराज हवाई मार्ग से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गये. संस्था के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल एवं सचिव मनोज चौधरी ने मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल सभी संत-महात्माओं, संस्था के सदस्यों, श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताया. कार्यक्रम में साध्वी मीणा महाराज, साध्वी पूर्णा महाराज, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, नवल अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, विजय अग्रवाल, ओम सरावगी, निर्मल छावनिका, विष्णु सोनी, मनीष जालान, विशाल जालान, नंदू चौधरी, पूरणमल सर्राफ, सुरेश चौधरी, संजय सर्राफ आदि उपस्थित थे.

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