बीपिन सिंह की रिपोर्ट
रांची. रांची स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने TDPL के जरिए हुई परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों को रद्द करने का सरकार के फैसले को छात्रों के लंबे संघर्ष की जीत बताया है. एसएफआइ ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हमारी लड़ाई केवल परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं है.
राज्य संयोजक दानिश ने प्रेस कांफेंस आयोजित कर कहा कि हमारी मांग है कि रद्द की गई सभी परीक्षाओं की पुनर्परीक्षा बिना किसी अतिरक्ति शुल्क, पूरी पारदर्शिता और निश्चित समयसीमा के भीतर कराने की मांग की. रांची जिला पूर्व संयोजक सैयद फराज अब्बास ने 2014 से अभी तक भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग रखी.
इस दौरान सोनाली, ओजस्वी राज, अमन ने अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि सरकार स्पष्ट तौर पर परीक्षा के साथ ही नियुक्ति कैलेंडर जारी करे, ताकि झारखंड के लाखों छात्र वर्षों तक परीक्षा और नियुक्ति का इंतजार करने के लिए मजबूर न हों.
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