रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची स्कूलों में चल रहे वैन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. ऐसे वाहन सरकार को राजस्व का नुकसान तो पहुंचा रहे हैं. साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं. हाल यह है कि कई ऐसे वाहन हैं, जो सभी मानकों में फेल हैं. वहीं, किसी वाहनों का फिटनेस फेल, तो किसी का इंश्योरेंस फेल है. जबकि, कुछ वाहनों का पॉल्यूशन, तो कुछ का टैक्स भी फेल है.
निजी वाहनों का व्यावसायिक प्रयोग
सड़कों पर दौड़ते वाहनों पर आपने सफेद और पीले रंग की नंबर प्लेटें देखी होगी. सफेद रंग की प्लेट निजी वाहनों के लिए होती है. जबकि, पीले रंग की नंबर प्लेट व्यावसायिक वाहनों की होती है. सफेद रंग के नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग व्यावसायिक में नहीं किया जा सकता है. जबकि, स्थिति यह है कि धड़ल्ले से निजी वाहनों का प्रयोग व्यावसायिक में किया जा रहा है. प्राइवेट वाहनों के कॉमर्शियल इस्तेमाल पर पकड़े जाने पर जुर्माने का प्रावधान है.
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आरटीए एचबी पंडित से सीधा सवाल
- सवाल : निजी वाहनों का व्यावसायिक प्रयोग किया जा सकता है क्या?
- जवाब : किसी भी जगहों पर निजी वाहनों का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में व्यावसायिक में नहीं किया जा सकता है.
- सवाल : निजी वाहनों का व्यावसायिक प्रयोग करने पर जुर्माना और आगे की कार्रवाई क्या करेंगे?
- जवाब : निजी वाहनों का व्यावसायिक प्रयोग करने पर जुर्माना का प्रावधान है. जब से निबंधन है, उसका टैक्स लिया जाता है. ऐसे वाहनों को नोटिस किया जायेगा. यह परमिट का उल्लंघन है.
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