झारखंड: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्कूल की भूमिका पर सेव द चिल्ड्रेन की रिपोर्ट

झारखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्कूलों की भूमिका पर कल यानी 16 दिसंबर (शुक्रवार) को सेव द चिल्ड्रेन की ओर से एक रिपोर्ट जारी की जायेगी. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.

Jharkhand News: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्कूल कितना जरूरी है. झारखंड के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education in Jharkhand) देने में इनकी क्या भूमिका है. इस पर 16 दिसंबर 2022 (शुक्रवार) को इंटरनेशनल संस्था सेव द चिल्ड्रेन (Save The Children), जिसे बाल रक्षा भारत (Bal Raksha Bharat) के नाम से भी जाना जाता है, एक रिपोर्ट जारी करेगी. होटल रेडिशन ब्लू में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो भी मौजूद रहेंगे.

बेसिक्स मजबूत करने पर 2019 से चल रहा है काम

सेव द चिल्ड्रेन की सुमी गुहा हल्दर (Soumi Guha Haldar) ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि सेव द चिल्ड्रेन वर्ष 2019 से ही बच्चों की बेसिक्स को मजबूत करने पर काम कर रहा है. यह संस्था स्कूल शिक्षा मंत्रालय, झारखंड शिक्षा परियोजना पर्षद और झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर ‘बैक टू बेसिक्स’ परियोजना (Back To Basics Project) पर वर्ष 2019 से ही काम कर रही है.

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शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है ‘बैक टू बेसिक्स’ का उद्देश्य

इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है, ताकि बच्चों का पढ़ने में मन लगे. उनका बौद्धिक विकास हो. प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए झारखंड सरकार के कई विभागों के साथ मिलकर इस संस्था ने दो जिलों गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में काम किया है.

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर काम कर रहा सेव द चिल्ड्रेन

सेव द चिल्ड्रेन की ओर से बताया गया है कि झारखंड में अपनी पहुंच बढ़ाने और अपने अनुभवों के आधार पर बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में वह काम कर रहा है. उसका उद्देश्य 3 से 14 साल की बच्चियों और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, ताकि उनकी नींव मजबूत हो सके.

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277 आंगनबाड़ी केंद्रों, 150 स्कूलों पर आधारित है रिपोर्ट

इस संस्था ने गुमला और पश्चिमी सिंहभूम के 277 आंगनबाड़ी केंद्रों और 150 स्कूलों में काम किया है. उन्हीं स्कूलों के प्रदर्शन पर शुक्रवार को सेव द चिल्ड्रेन की ओर से ‘क्वालिटी अर्ली एंड फाउंडेशन लर्निंग फॉर चिल्ड्रेन इन झारखंड’ विषय पर एक रिपोर्ट जारी की जायेगी. होटल रेडिशन ब्लू में होने वाले इस कार्यक्रम में झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे. शिक्षा विभाग के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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