झारखंड के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के 58 सड़क और 26 पुल को मिली स्वीकृति, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

केंद्र सरकार ने बजट से पहले झारखंड के 58 सड़क योजनाओं और 26 पुल निर्माण की स्वीकृति दे दी. ये सभी सड़के उग्रवाद प्रभावत क्षेत्रों 361 किमी पर बनेगी

रांची : झारखंड के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए 361 किमी सड़क योजना और 26 पुल योजनाओं को स्वीकृति मिल गयी है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोमवार को इसकी स्वीकृति दे दी. इसके तहत 58 सड़कें बनेंगी. बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव एनएन सिन्हा के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी और झारखंड के ग्रामीण विकास सचिव मनीष रंजन, मुख्य अभियंता जेपी सिंह, अपर सचिव रामकुमार सिन्हा और अन्य अधिकारी शामिल थे.

योजनाओं को स्वीकृति देने पर अंतिम सहमति :

बैठक में योजनाओं को स्वीकृति देने पर अंतिम रूप से सहमति बन गयी है. अब इन सड़कों के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 71 किमी सड़क योजना देने पर भी सहमति जता दी है. इसके लिए अभी केंद्र के स्तर पर बैठक होगी. दो-तीन चरणों की बैठक में सहमति बनने के बाद इस पर अंतिम रूप से सहमति दी जायेगी.

अति उग्रवाद प्रभावित इलाकों में बनेंगी सड़कें जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क जरूरी

झारखंड की ओर से सचिव मनीष रंजन ने केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष बातें रखीं. उन्हें बताया गया कि झारखंड के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क योजनाओं की नितांत आवश्यकता है. ऐसे में छूटी हुई 71 किमी की सड़क योजनाओं को भी स्वीकृति दे दी जाये. सचिव के आग्रह के बाद केंद्रीय अधिकारी ने अपनी सहमति जतायी.

71 किमी सड़क योजना देने के लिए झारखंड को पत्र भी भेज दिया गया है. वहीं, उग्रवाद प्रभावित गढ़वा जिले के बड़गड एवं रमकंडा में आरसीपीएलडब्ल्यूइए से नौ सड़के बनेंगी. कुल 78 किमी लंबी इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 72 करोड़ की लागत आयेगी. मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि जल्द टेंडर निकलेगा.

Posted By : Sameer Oraon

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >