रांची. राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (रिनपास ) के निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर 26 अगस्त को प्रकाशित विज्ञापन और स्वास्थ्य विभाग की नई नियमावली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई है.
निदेशक नियुक्ति के विज्ञापन और नियमावली पर उठाये सवाल
पूर्व सीएम मरांडी ने पत्र के माध्यम से कहा कि कई वर्षों से संस्थान का संचालन प्रभारी निदेशक के भरोसे चल रहा है, जिससे वित्तीय मामलों समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाइयां आती हैं. स्थायी निदेशक पद के लिए हाल ही में जारी विज्ञापन में दो बड़ी त्रुटियां पाई गई हैं. पहला, विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता या अर्हता का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है. दूसरा, एनएमसी के गजट के अनुसार ऐसे पदों पर केवल मेडिकल फैकल्टी के लोग ही पात्र होते हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 को एक अलग नियमावली बनाकर गैर-चिकित्सा संवर्ग के लोगों को भी इसमें शामिल कर लिया है.
नियमावली रद्द कर एनएमसी मानकों के अनुरूप दोबारा विज्ञापन की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई है कि सरकार किसी चहेते गैर-चिकित्सा अधिकारी को इस पद पर बैठाकर अपने हित साधने की तैयारी कर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि त्रुटिपूर्ण विज्ञापन और स्वास्थ्य विभाग की नई नियमावली को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए. साथ ही, एनएमसी के मापदंडों के अनुरूप पुनः विज्ञापन जारी करने की मांग की है ताकि किसी योग्य, अनुभवी और वरिष्ठ चिकित्सक का चयन हो सके.
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