रांची. राज्य के विवि व कॉलेजों में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत राशि देने का निर्णय लिया है. विभाग ने दो लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार किया है, ताकि शिक्षक/शोधार्थी/वैज्ञानिक इस पर कार्य कर सकते हैं. इसमें माइनर प्रोजेक्ट के तहत 12 माह के लिए दो लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इसी प्रकार मेजर प्रोजेक्ट के तहत 24 माह के लिए पांच लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है. जबकि लांग टर्म प्रोजेक्ट के तहत 36 माह के लिए 10 लाख रुपये बजट का प्रावधान रखा गया है. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. विभाग ने इसकी मॉनिटरिंग का जिम्मा जेसीएसटीआइ को दिया है.
जेसीएसटीआइ साल में दो बार आवेदन मांगेगा
नयी गाइडलाइन के तहत प्रोजेक्ट के लिए जेसीएसटीआइ द्वारा साल में दो बार आवेदन मांगेगा. यह माह प्रति वर्ष जुलाई व दिसंबर का होगा. प्रोजेक्ट लेनेवाले शिक्षक/वैज्ञानिक/शोधार्थी ऑनलाइन आवेदन व शोध प्रस्ताव जमा करेंगे. इसके लिए निर्धारित फॉर्मेट रहेगा. ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद इसकी हार्ड कॉपी ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि से 15 दिन के अंदर संबंधित संस्थान में जमा करना होगा. अगर हार्ड कॉपी 15 दिन के अंदर जमा नहीं होती है, तो संबंधित शोध प्रस्ताव व आवेदन को रद्द कर दिया जायेगा. शोध प्रस्ताव व फाइनल रिपोर्ट अंग्रेजी में ही जमा करने होंगे. एक बार में एक ही प्रोजेक्ट के लिए आवेदन करना होगा.
स्क्रीनिंग कमेटी स्क्रूटनी करेगी
जमा हुए आवेदन और शोध प्रस्ताव की स्क्रूटनी की जायेगी. इसके लिए जेसीएसटीआइ द्वारा स्क्रीनिंग कमेटी बनायी जायेगी. शार्टलिस्ट उम्मीदवार को प्रजेंटेशन और इंटरैक्शन के लिए बुलाया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
