रांची: जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी को अब रांची और धनबाद के कुछ कोचिंग संस्थानों की भूमिका सामने आने के संकेत मिले हैं. जांच में कथित पतंजलि कोचिंग के पूर्व शिक्षक रवि की भूमिका अहम बतायी जा रही है. सीआईडी को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कोचिंग संस्थानों से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं.
रवि मूल रूप से पलामू जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. उस पर घोटाले में सेटिंग कराने वाले गिरोह से सीधे संपर्क में होने का आरोप है. सीआईडी की टीम रांची और पलामू में कई बार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुकी है, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा. बताया जा रहा है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना जांच एजेंसी के लिए चुनौती बना हुआ है.
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परिजनों और करीबियों से पूछताछ
सीआईडी की टीमें रवि के परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ कर रही हैं, ताकि उसके संभावित ठिकाने का पता लगाया जा सके. जांच अधिकारियों का मानना है कि रवि की गिरफ्तारी के बाद कोचिंग संस्थानों की कथित मिलीभगत से जुड़े कई तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं.
कई आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
जेपीएससी की 11वीं से 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में सीआईडी पहले ही कई अभ्यर्थियों, बिचौलियों और अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब जांच का दायरा कोचिंग संस्थानों तक बढ़ता नजर आ रहा है.
