Ranchi Waterlogging : सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश ने झारखंड की राजधानी रांची को अस्त-व्यस्त कर दिया. शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया. पानी घरों में घुस जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों को रातभर पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी. मंगलवार दोपहर तक शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही.
बिल्डर पर नाली भरने का आरोप, घरों में घुसा पानी
अरगोड़ा कटहल मोड़ मार्ग स्थित कोरोना पब्लिक स्कूल के समीप कई घरों में बारिश का पानी घुस गया. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बगल में नाली बनी हुई थी, लेकिन उसे बिल्डर ने भर दिया है. इससे बारिश के पानी की निकासी का रास्ता बंद हो गया और पानी घरों में घुस गया. स्थानीय निवासियों ने नगर आयुक्त से मामले की जांच कर नाली को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है.
बालाजी कॉलोनी जलमग्न, लोग घरों में कैद
सेल सिटी रोड नंबर 12 स्थित बालाजी कॉलोनी में नाली का निर्माण नहीं होने से पूरी कॉलोनी में पानी भर गया. घरों के अंदर पानी घुस जाने से कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों का कहना है कि मोहल्ले में हल्की बारिश होने पर जलजमाव की स्थिति बन जाती है. नाली निर्माण की मांग को लेकर कई बार पत्र लिखे गये, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ.
पंडरा NH पर भरा पानी, प्रभावित रहा यातायात
पंडरा में नेशनल हाइवे पर पानी भर गया. सुबह सात बजे से रांची-रातू मुख्य मार्ग पर जलजमाव के कारण यातायात प्रभावित रहा. लोगों को पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ी. पानी में गुजरने के दौरान कई स्कूटी भी खराब हो गई. सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हुई. वहीं, सड़क किनारे स्थित कुछ दुकानों में भी पानी घुस गया. करीब तीन घंटे तक ऐसी स्थिति बनी रही.
बारिश ने खोली रिम्स की बदइंतजामी की पोल
रिम्स परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गयी है. मंगलवार सुबह तक रिम्स के बेसमेंट का एक हिस्सा पानी में डूबा रहा. नालियों के जाम होने से फिजियोथेरेपी विभाग व आसपास के परिसरों में बारिश के दौरान जलभराव हो गया. वहीं, बेसमेंट में गंदा पानी घुसने से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गयीं. नालियों के ओवरफ्लो होने के कारण यह स्थिति सोमवार से ही बनी हुई थी. इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीढ़ियों से उतरते ही फर्श पर गंदा पानी फैला हुआ था. नर्सिंग स्टॉफ ने बताया कि जलभराव और सीलन के कारण पूरे विभाग में बदबू फैल जाती है. मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. बताया कि प्लंबिंग का काम करने वाले की लापरवाही से इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है.
सदर अस्पताल में भी दिखा बारिश का असर
सदर अस्पताल में भी बारिश का असर देखने को मिला. पिछले दो दिनों के दौरान ओपीडी से लेकर रजिस्ट्रेशन काउंटर तक मरीजों की संख्या काफी कम रही. अस्पताल में कई जगह से पानी रिसने के कारण इमरजेंसी के दूसरी ओर के हिस्से के फर्श पर बारिश का पानी फैल गया. हालांकि, मौसम साफ होने के बाद हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने फर्श की सफाई कर दी.
जलजमाव वाले इलाकों में पहुंची नगर निगम की क्यूआरटी टीम
शहर के मोहल्लों में जलजमाव की सूचना पर नगर निगम की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को तत्काल संबंधित इलाकों में भेजा गया. जेसीबी, ट्रैक्टर और मोटर के साथ पहुंची क्यूआरटी की टीमों ने जाम नालियों की सफाई करायी. मोटर लगाकर पानी निकाला गया. वार्ड 28 का बर्फ फैक्ट्री गली, वार्ड 25 का बिजली ऑफिस के पास, वार्ड 26 का अशोकपुरम रोड, वार्ड 27 का किशोरगंज रोड व इरगुटोली, वार्ड 32 का विजय पथ, वार्ड 33 का राधा नगर, आनंद नगर व शांति नगर, वार्ड 34 का पावटोली व विद्यानगर, वार्ड 35 का डीपाटोली, वार्ड 36 का अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी व लाजपत नगर, वार्ड तीन का मान्या पैलेस, वार्ड 20 का कार्ट सराय रोड व वार्ड 53 का परमार्थ नगर आदि शामिल हैं.
जलजमाव होने पर हेल्पलाइन पर दें सूचना
नगर निगम ने आमलोगों से अपील की है कि यदि बारिश के दौरान उनके मोहल्ले में किसी प्रकार का जलजमाव होता है, तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 18005701235 पर दें, ताकि क्यूआरटी टीम को तत्काल संबंधित स्थल पर भेजा जा सके.
ये भी पढ़ें: कसमार के गणेश ने खुद के श्रमदान से खोद दिया कुआं, डीसी ने दिया सोलर पंप लगाने निर्देश
ये भी पढ़ें: शराब घोटाला मामले में ED ऑफिस पहुंचे झारखंड के पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव
