Ranchi University RTI Review Meeting : राज्य के नवनियुक्त सूचना आयुक्त डॉ तनुज खत्री गुरुवार को पहली बार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआइ) अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक की. हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही एक घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया. बैठक के दौरान डॉ खत्री सीधे कुलपति कार्यालय में कुलपति की निर्धारित कुर्सी पर बैठ गये. उनके बगल में रजिस्ट्रार बैठे, जबकि कुलपति प्रो सरोज शर्मा अपनी कुर्सी छोड़कर टेबल के किनारे अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दूसरी कुर्सी पर बैठीं. कुछ देर बाद कुलपति बैठक से चली गयीं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विवि में दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा रही कि विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रोटोकॉल के तहत सूचना आयुक्त को स्थिति से अवगत कराना चाहिए था.
अधिकार क्षेत्र को लेकर भी उठे सवाल
आरटीआइ से जुड़े जानकारों ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा-25 का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सूचना आयोग को किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में जाकर समीक्षा बैठक या निरीक्षण करने का स्पष्ट अधिकार नहीं है. आयोग संबंधित संस्थान से रिपोर्ट मांग सकता है अथवा अधिकारियों को आयोग कार्यालय में तलब कर सकता है. हालांकि इस संबंध में आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गयी. उल्लेखनीय है कि डॉ तनुज खत्री पहले रांची विश्वविद्यालय में अनुबंध पर शिक्षक भी रह चुके हैं. इस संबंध में तनुज खत्री से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.
वेबसाइट पर सात दिन में आरटीआइ की जानकारी देने का निर्देश
समीक्षा बैठक में डॉ तनुज खत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम केवल सूचना उपलब्ध कराने का कानून नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने विवि और सभी संबद्ध कॉलेजों को सात दिनों के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लोक सूचना पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, आरटीआइ आवेदन की प्रक्रिया, शुल्क, आवेदन भेजने का पता और अन्य अनिवार्य सूचनाएं अलग से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
30 दिन में आरटीआई आवेदनों के निस्तारण का निर्देश
डॉ तनुज खत्री ने कहा कि जिन कॉलेजों में अभी तक लोक सूचना पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां तत्काल नियुक्ति की जाये. सभी आरटीआइ आवेदनों का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाये और उनकी मॉनिटरिंग के लिए ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाये. साथ ही अभिलेखों का वैज्ञानिक प्रबंधन और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाये. परीक्षा परिणाम, उत्तरपुस्तिका निरीक्षण, अंक, डिग्री, माइग्रेशन, छात्रवृत्ति, शुल्क और हॉस्टल से जुड़े आरटीआई आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन करने तथा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नियमित आरटीआई जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रतिवर्ष आरटीआइ जागरूकता सप्ताह आयोजित करने के भी निर्देश दिये.
