Ranchi News: राजधानी रांची पूरे झारखंड में स्कूल परिवहन व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो चुकी है. नियमों को ताख पर रखकर स्कूली बच्चों को थ्री व्हीलर, ई-रिक्शा, ऑटो व वैन से ढोये जा रहे हैं, जबकि ये वाहन स्कूल परिवहन के लिए अधिकृत नहीं हैं. हैरानी की बात है कि कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है, जिससे हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इस तरह के परिवहन को देखते हुए प्रवीर प्रकाश सहित कई अभिभावकों ने डीटीओ व ट्रैफिक पुलिस को इस प्रकार परिवहन पर रोक लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा है.
सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह और छुट्टी के समय का नजारा बेहद चिंताजनक होता है. छोटे-छोटे बच्चों से भरे ऑटो और वैन को राह में देखा जा सकता है. अधिकांश वाहनों में न तो ‘स्कूल वाहन’ का मानक बोर्ड लगा है. न ही फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशामक यंत्र जैसे सुरक्षा के इंतजाम हैं. यहां तक की चालक भी प्रशिक्षित नहीं होते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे तौर पर मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है. बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है. पूर्व में जिला प्रशासन की ओर से कुछ समय के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की गयी थी, लेकिन सख्ती खत्म होते ही व्यवस्था चिंताजनक हो गयी.
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बिहार में स्कूली वाहनों के लिए नियम सख्त
बिहार में स्कूल वाहनों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू कर नियमित जांच अभियान चलाये जाते हैं. इसके विपरीत झारखंड में निगरानी और प्रवर्तन की कमी साफ नजर आती है. अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिवहन के लिए स्पष्ट मानक तय कर उनका कड़ाई से पालन कराया जाये. अनधिकृत वाहनों पर जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई हो तथा स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाये. बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की संयुक्त जिम्मेदारी है. यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाये गये, तो बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है.
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