उत्तम महतो
Ranchi: रांची नगर निगम द्वारा स्रोत पृथक्करण को बढ़ावा देने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने शहर के बल्क वेस्ट जनरेटर (मैरेज हॉल और बैंक्वेट हॉल, बड़े होटल सहित अन्य प्रतिष्ठान) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. मौके पर अपर नगर आयुक्त ने सभी को निर्देश दिया कि वे अपने‑अपने परिसरों में अनिवार्य रूप से गीला और सूखा कचरा अलग‑अलग रखें और निर्धारित श्रेणियों के अनुसार पृथक किये गये कचरे को निगम की गाड़ियों को सौंपें. मिक्स कूड़ा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा.
चार रंग के रखने होंगे डस्टबिन
कोई प्रतिष्ठान अगर बार‑बार मिक्स कूड़ा देता है, तो ऐसे प्रतिष्ठानों से कूड़ा का उठाव बंद किया जायेगा. उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पूरे देश में एक अप्रैल 2026 से लागू है. ऐसे में अब प्रत्येक नागरिक, संस्थान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान व अपशिष्ट उत्पादक के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने स्तर पर चार अलग‑अलग श्रेणी में डस्टबिन रखेंगे.
किस रंग के डस्टबिन में क्या डालें
हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, लाल में सेनेटरी वेस्ट और काले में स्पेशल केयर की चीजें जैसे बल्ब, ट्यूबलाइट, दवाइयां, बैटरी व अन्य ई‑वेस्ट रखे जायेंगे, ताकि इनका वैज्ञानिक तरीके से निबटान किया जा सके. उन्होंने सभी बल्क वेस्ट जनरेटर, जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं, उन्हें अपने स्तर पर कचरे के वैज्ञानिक निबटान व प्रबंधन करने का निर्देश दिया.
हाईलाइट्स
- बल्क वेस्ट जनरेटर को गीला‑सूखा कचरा अलग रखने का निर्देश.
- एक अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हैं नये नियम.
- चार रंग के डस्टबिन रखना अब अनिवार्य किया गया.
- गीला, सूखा, सेनेटरी और ई-वेस्ट अलग-अलग रखना होगा.
- 100 किलो से अधिक कचरा निकालने वालों को खुद करना होगा वैज्ञानिक निबटान.
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