रांची : राजधानी रांची में स्ट्रीट लाइटों के मेंटेनेंस के काम को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक खींचतान शुरू हो गई है. इस बार रांची नगर निगम (RMC) और झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (JUICO) आमने-सामने आ गए हैं. जुडको द्वारा शहर की स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव (मेंटेनेंस) के लिए नया टेंडर जारी किए जाने पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए औपचारिक आपत्ति जताई है.
निगम बोर्ड के निर्णय का हवाला, जुडको को पत्र भेजकर टेंडर रद्द करने का निर्देश
मामले को लेकर रांची नगर निगम के अपर प्रशासक ने जुडको को एक पत्र जारी किया है. पत्र में निगम बोर्ड द्वारा पूर्व में लिए गए नीतिगत निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि रांची नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विकास और मेंटेनेंस से संबंधित कार्य अब सिर्फ और सिर्फ नगर निगम ही कराएगा. निगम का तर्क है कि जब बोर्ड इस संबंध में सर्वसम्मति से फैसला ले चुका है, तो किसी दूसरी सरकारी एजेंसी (जुडको) द्वारा उसी कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित करने का कोई औचित्य नहीं बनता. इसलिए जुडको अपने स्तर से निकाले गए टेंडर को तुरंत प्रभाव से रद्द करे.
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अब खुद नई एजेंसी चुनेगा नगर निगम
नगर निगम ने जुडको को भेजे पत्र में यह भी साफ कर दिया है कि रांची शहर की स्ट्रीट लाइटों के मेंटेनेंस के लिए अब निगम खुद नई एजेंसी का चयन करेगा. इसके लिए बहुत जल्द नगर निगम अपने स्तर से पूरी पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा. इस प्रक्रिया से चुनी जाने वाली नई एजेंसी ही पूरे निगम क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव, मरम्मत और मेंटेनेंस का काम देखेगी.
अधिकार क्षेत्र को लेकर पहले भी हो चुकी है तकरार
रांची शहर में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के अधिकार क्षेत्र को लेकर नगर निगम और जुडको के बीच यह पहली तकरार नहीं है. इससे पहले भी जुडको द्वारा रांची शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पूरे शहर में बिछाई गई पाइपलाइन और सड़कों की कटाई-मरम्मत को लेकर दोनों एजेंसियों के बीच काफी खींचतान और विवाद हो चुका है. अब स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस के नए टेंडर ने दोनों विभागों के बीच पुरानी तल्खी को एक बार फिर से हवा दे दी है.
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