रांची से उत्तम महतो की रिपोर्ट
Ranchi Municipal Corporation, रांची : आगामी मानसून के दौरान राजधानीवासियों को जलजमाव (Waterlogging) और नारकीय स्थिति से निजात दिलाने के लिए रांची नगर निगम (RMC) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद मोर्चा संभालते हुए अधिकारियों की टीम के साथ वार्ड संख्या-32 के अंतर्गत पंचशील नगर क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने जलजमाव वाले संवेदनशील हॉटस्पॉट, नालियों की मौजूदा स्थिति, पानी की निकासी के रूट और ड्रेनेज सिस्टम पर किए गए अवैध कब्जों की जमीनी समीक्षा की.
नाली जाम कर बनाई दीवार
औचक निरीक्षण के दौरान ग्राउंड जीरो पर यह बात सामने आई कि कई रसूखदार और स्थानीय लोगों ने मुख्य नालियों के ऊपर ही पक्की दीवारें खड़ी कर अवैध अतिक्रमण कर लिया है. इसकी वजह से पूरे इलाके की जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने मौके पर ही मौजूद इंफोर्समेंट टीम को तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने का फरमान सुनाया. नगर आयुक्त के कड़े रुख का असर यह हुआ कि निगम की टीम ने महज एक घंटे के भीतर नाली पर अवैध निर्माण करने वाले 23 भवन मालिकों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर दिया. इस दौरान जिन लोगों ने नोटिस रिसीव करने से इनकार किया, निगम के कर्मियों ने उनके घरों की दीवारों पर ही नोटिस चस्पा (Paste) कर दिया. सभी नोटिसधारियों को अपने मकान का स्वीकृत नक्शा (Map) और जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज लेकर निगम कार्यालय में हाजिर होने का अल्टीमेटम दिया गया है, ऐसा न करने पर सीधे बुलडोजर एक्शन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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10 करोड़ से बनेगी आरसीसी नाली
नगर आयुक्त ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मानसून में रांची के नागरिकों को जलजमाव से राहत दिलाना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए ‘शॉर्ट टर्म’ और ‘लांग टर्म’ दोनों स्तरों पर रणनीति बनाकर काम शुरू कर दिया गया है. साथ ही जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय तकनीकी कमेटी का गठन किया गया है, जो शहर के सभी प्रभावित इलाकों का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट और सुझाव देगी. इसके अलावा निरीक्षण के दौरान निगम के अभियंताओं (Engineers) ने नगर आयुक्त को बताया कि पंचशील नगर से लेकर पंडरा क्षेत्र तक जल निकासी व्यवस्था को अचूक बनाने के लिए आरसीसी (RCC) नाली निर्माण का डीपीआर (DPR) तैयार कर लिया गया है. इस बड़े ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे इस पूरे बड़े इलाके को हमेशा के लिए जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी.
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