Ranchi Kidnapping : कहीं गुलगुलिया गैंग तो नहीं उठा ले गये अंश और अंशिका को?

Ranchi Kidnapping : बच्चों को खोजने के लिए एसआइटी ने चार राज्यों में छापा मारा है. लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीया बहन अंशिका की तलाशी जोरों पर की जा रही है.

Ranchi Kidnapping : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा की मल्लार टोली, मौसीबाड़ी से लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीया बहन अंशिका की तलाशी का अभियान जोरों पर है. रांची पुलिस की एसआइटी रेस है. शनिवार को एक साथ एसआइटी की टीम ने चार राज्यों में छापा मारा. एक टीम ओडिशा, दूसरी टीम बंगाल के पुरुलिया, तीसरी टीम बिहार के पूर्णिया, चौथी टीम हजारीबाग और पांचवीं टीम पलामू में संभावित जगहों पर छापेमारी कर रही है.

गुलगुलिया गैंग पर पुलिस का शक गहरा रहा

अब तक की जांच में गुलगुलिया गैंग पर पुलिस का शक गहरा रहा है. इसलिए उक्त ठिकानों पर पुलिस टीम एक साथ दबिश देकर बच्चों को खोज रही है. हालांकि खबर लिखने तक बच्चों की बरामदगी की सूचना सामने नहीं आयी थी. इससे पहले बिहार के पटना और वाराणसी जिले के इलाकों में एसआइटी छापेमारी कर चुकी है. वहीं शनिवार को पुलिस की टीम ने अंश और अंशिका के घर पर पहुंच कर परिजनों से कुछ जानकारी ली. इसके बाद मोहल्ले में मौजूद उसकी रिश्तेदार महिला से भी बयान लिया. वहीं मोहल्ले में कई लोगों से पूछताछ की. इसके अलावा तकनीकी टीम भी हर संभावित इलाकों में पहुंच कर पड़ताल में जुटी है.

अंश-अंशिका की बरामदगी के लिए लोगों ने निकाला मशाल जुलूस

मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल निवासी सुनील कुमार राय का पांच वर्षीय पुत्र अंश और चार वर्षीय पुत्री अंशिका दो जनवरी की दोपहर 2:30 बजे से लापता हैं. अब तक बच्चों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है. इससे क्षेत्र के लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. विरोध में रविवार को संपूर्ण एचइसी औद्योगिक क्षेत्र, बाजार, हाट, दुकान, ऑटो-टोटो सब बंद करने का अह्वान किया गया है. इधर, शनिवार शाम क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने लापता बच्चों की सकुशल घर वापसी की मांग करते हुए अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मशाल जुलूस निकाला.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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