अनगड़ा. प्रखंड के सूरसू, टाटी, कुच्चू, बीसा और नवागढ़ पंचायतों में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं. शाम ढलते ही इन क्षेत्रों में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल बन जाता है. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण हाथियों का उत्पात लगातार जारी है. ताजा घटना में हाथियों ने मध्य विद्यालय, सूरसू के किचन का दरवाजा तोड़कर चावल, दाल और आलू सहित एमडीएम का राशन खा लिया.
बाउंड्रीवॉल नहीं, हाथियों का बढ़ा खतरा
साथ ही कार्यालय की सामग्री को भी नुकसान पहुंचाया. जंगल क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय में बाउंड्रीवॉल नहीं होने से हमेशा खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने बताया कि डीएमएफटी फंड से दो वर्ष पहले बाउंड्रीवॉल स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो सका है. वहीं, सिंगारी में हाथियों ने बीरबल बेदिया की चौमिन दुकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इससे पहले कुच्चू स्कूल में भी हाथियों ने एमडीएम का सामान नष्ट कर दिया था. सूरसू मुखिया सुमित्रा देवी ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है.
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