रांची: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र में एक कार मालिक के साथ जालसाजी, अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने पहले तो 500 रुपये प्रतिदिन के किराये पर मारुति एस्प्रेसो (S-Presso) गाड़ी ली और फिर फर्जी तरीके से खुद को मालिक बताकर वाहन को दूसरे व्यक्ति के हाथों बेच दिया. पीड़ित नामकुम थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा कॉलोनी निवासी उपेंद्र साहू की शिकायत पर सदर थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
11 महीने का हुआ था एग्रीमेंट, 2 महीने से नहीं दिया किराया
पीड़ित उपेंद्र साहू के अनुसार, उन्होंने अपनी मारुति एस्प्रेसो गाड़ी दुर्गापुरी रोड, कोकर निवासी लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ को 11 महीने के एकरारनामे (एग्रीमेंट) पर 500 रुपये प्रतिदिन के किराये पर दी थी. शुरुआती दौर के बाद आरोपी ने पिछले दो महीनों से न तो गाड़ी का किराया दिया और न ही बकाया 27,000 रुपये का भुगतान किया. जब पीड़ित ने अपनी गाड़ी वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल और आनाकानी करने लगा.
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GPS से लोकेशन ट्रैक कर पहुंचे मालिक, तो खुला राज
आरोपी की नीयत पर शक होने पर पीड़ित ने अपनी गाड़ी में लगे जीपीएस (GPS) से लोकेशन ट्रैक की और मौके पर पहुंचे. पीछा करते हुए जब वे कोकर स्थित भारत टिंबर के पास पहुंचे, तो देखा कि गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हालत में खड़ी थी. स्थानीय स्तर पर पूछताछ करने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ. आरोपी लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ ने खुद को गाड़ी का असली मालिक बताकर फर्जी तरीके से वह कार राहुल कुमार महतो नामक व्यक्ति को 66,000 रुपये में बेच दी थी.
बीमारी का बहाना बनाकर सच छुपाता रहा आरोपी
वाहन के आधिकारिक कागजातों (RC) के अनुसार, गाड़ी के वास्तविक मालिक आज भी उपेंद्र साहू ही हैं. धोखाधड़ी का भंडाफोड़ होने के बाद जब पीड़ित ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बीमारी का बहाना बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की और सच छुपाता रहा. आखिरकार पीड़ित ने सदर थाने पहुंचकर आरोपी लक्ष्मीकांत सिद्धार्थ के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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