रांची से प्रवीण मुंडा की रिपोर्ट
Ranchi Court News, रांची : रांची के अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने ठाकुरगांव थाना क्षेत्र में हुए एक दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर (Triple Murder) केस में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मृतका के पति, सास, ससुर और ननद को तीन लोगों की बेरहमी से हत्या करने का दोषी करार दिया है. दोषियों की सजा के बिंदु पर 17 जून 2026 को सुनवाई की जाएगी. अवैध संबंध के मामूली शक और दहेज प्रताड़ना के कारण अंजाम दी गई यह खौफनाक वारदात 3 अप्रैल 2023 को हुई थी.
पूरा परिवार ही निकला कातिल
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए चार आरोपियों में मृतका के ससुराल वाले ही शामिल हैं. इसमें मृतक महिला का पति बिजेंद्र राम, ससुर कमल राम, सास कोशिला देवी, ननद रीमा देवी का नाम है. इस चर्चित मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) सिद्धार्थ सिंह ने प्रभावी बहस की और आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत अदालत के सामने रखे.
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दो मासूम बच्चों ने देख लिया था मां का कत्ल
वारदात के पीछे की जो कहानी सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है. पति बिजेंद्र राम को शक था कि उसकी पत्नी ममता देवी का पड़ोस के ही किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध है. इसी शक के आधार पर बिजेंद्र ने अपने परिवार के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की खौफनाक साजिश रची और गला दबाकर ममता देवी को मौत के घाट उतार दिया. जिस वक्त बिजेंद्र और उसके घरवाले ममता की हत्या कर रहे थे, उस समय उनके दोनों मासूम बच्चों ने अपनी आंखों से मां का कत्ल होते देख लिया. राज खुलने के डर से कातिल पिता और उसके परिजनों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. उन्होंने पहले बड़े बेटे और फिर छोटे बेटे की भी गला दबाकर हत्या कर दी.
शवों को छुपाने के लिए जंगल में लगाई आग
तीनों की बेरहमी से हत्या करने के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी उन्हें ठाकुरगांव के बगदाद जंगल ले गए. वहां साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तीनों लाशों को आग के हवाले कर दिया गया. आग के कारण मां और दोनों बच्चों के शव 80 फीसदी तक जल चुके थे. इस घटना के बाद मृतका के पिता ने ठाकुरगांव थाना में कांड संख्या 14/2023 दर्ज कराया था. दर्ज शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि दहेज उत्पीड़न के नाम पर ममता को ससुराल में लगातार प्रताड़ित और परेशान किया जाता था.
पुलिस की तत्परता से हुई थी गिरफ्तारी
शव मिलने के बाद ठाकुरगांव थाना पुलिस ने शिनाख्त के लिए आसपास के जिलों को भी इस खौफनाक वारदात की जानकारी भेजी थी. पुलिस ने तत्परता से वैज्ञानिक अनुसंधान करते हुए घटना के महज चार दिन बाद, यानी 7 अप्रैल 2023 को ही हत्यारे पति, सास, ससुर और ननद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिन्हें अब अदालत ने दोषी ठहराया है.
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