15% रिटर्न का झांसा देकर 16,927 लोगों से ठगी, 307 करोड़ वसूले

Chitfund Scam: रांची में 15% रिटर्न का झांसा देकर मैक्सीजोन कंपनी ने 16,927 निवेशकों से 307 करोड़ रुपये वसूले. प्रवर्तन निदेशालय ने निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर मनी लॉन्ड्रिंग की संपत्तियां जब्त करने का अनुरोध किया है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

Chitfund Scam: झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मैक्सीजोन कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी पर रांची की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. दोनों ही 307 करोड़ से अधिक चिटफंड घोटाले में आरोपी हैं. ईडी की ओर से मनी लाउंड्रिंग के सहारे खरीदी गई संपत्ति को जब्त करने का भी अनुरोध भी अदालत से किया गया है. ईडी ने जांच पाया है कि मैक्सीजोन चिटफंड कंपनी निवेश के एवज में हर माह 15% लाभ देने का झांसा देकर देश के करीब 16,927 निवेशकों को ठग चुकी है. इसका खुलासा ईडी की छापेमारी के दौरान मिले लैपटॉप से बरामद एक्सेल शीट के विश्लेषण से हुआ है.

निवेश के नाम पर वसूली

ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह ने निवेश के नाम पर 307 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले थे. ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी हर महीने निवेशकों को 15% रिटर्न देने का झांसा देता था. वहीं, नए निवेशकों को जोड़ने पर एजेंट को कमीशन देने का लालच देता था. जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की कंपनी मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के पास आम जनता से जमा स्वीकार करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था. इसके बाद भी बड़े पैमाने पर निवेश कराया गया. इससे पहले ईडी ने अदालत को बताया था कि कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी ने अपने बयान में अपराध से मिली रकम के बारे में अहम जानकारी छिपाई. खासकर, बिना हिसाब वाले 285 करोड़ के ठिकाने के बारे में, ताकि जांच रोकी जा सके.

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धन के स्रोत को छिपाने के लिए 21 बैंक खाते

धन के स्रोत को छिपाने के लिए आरोपी ने एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक सहित विभिन्न बैंकों के कम से कम 21 खातों का इस्तेमाल किया. पैसे को बार-बार इधर-उधर घुमाकर “को-मिंगल” किया गया, ताकि रकम के स्रोत और अंतिम उपयोग का पता लगाना मुश्किल हो सके. आरोपी ने अपने सहयोगी नितिन चड्ढा और राशि चड्ढा को 15 करोड़ नकद व दो करोड़ का सोना सौंपा. उसने एमआर मित्तल्स इंफ्राटेक और केडब्ल्यू होम्स जैसे बिल्डरों को नकद भुगतान भी किया.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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