रोजगार, निवेश और प्रतिभाओं को आकर्षित करने वाले उभरते शहर के रूप में रांची की नयी पहचान बन रही है. पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की ताजा रिपोर्ट 'सिटीज ऑन द राइज 2026' में रांची को देश के सबसे तेजी से उभरते रोजगार केंद्रों में शामिल किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार बड़े औद्योगिक निवेश, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और आइटी क्षेत्र की बढ़ती मौजूदगी ने रांची को नयी पहचान दिलायी है. रिपोर्ट के अनुसार, जिंदल समूह का प्रस्तावित 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश, टाटा स्टील की 11 हजार करोड़ रुपये की विस्तार योजना, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं तथा करीब दो लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने शहर की आर्थिक संभावनाओं को मजबूत किया है. इन परियोजनाओं की वजह से रांची अब पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है. युवा इस शहर में भी जॉब की संभावना तलाश रहे हैं.
रैकिंग में रांची 8वें नंबर पर
10 टॉप सिटी में रांची आठवें स्थान पर है. स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, रिमोट वर्क और निवेश का नया केंद्र बन रही झारखंड की राजधानी.
| क्रमांक | शहर |
| 1 | विशाखापट्टनम |
| 2 | लुधियाना |
| 3 | सूरत |
| 4 | वडोदरा |
| 5 | प्रयागराज |
| 6 | राजकोट |
| 7 | जबलपुर |
| 8 | रांची |
| 9 | रायपुर |
| 10 | विजयवाड़ा |
70 हजार करोड़ के जिंदल निवेश, टाटा स्टील की विस्तार योजना और आईटी सेक्टर की बढ़ती गतिविधियों से मिली पहचान.
पेशेवर की प्राथमिकता वेतन ही नहीं, बेहतर जीवन भी
रिपोर्ट में कहा गया है कि आज के पेशेवर केवल वेतन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता, कम खर्च, बेहतर आवागमन और संतुलित जीवनशैली वाले शहरों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं. इसी वजह से रांची जैसे मध्यम आकार के शहरों की ओर प्रतिभाओं का रुझान बढ़ा है.
रोजगार के नये क्षेत्र
पारंपरिक उद्योगों के अलावा, यहां क्रेडिट इंटरमीडिएशन (बैंकिंग/फाइनेंस), आइटी सर्विसेज और कंसल्टिंग एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में तेजी से भर्तियां हो रही हैं. रांची में काम करने वाले पेशेवरों में 24% से अधिक युवा 25 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो इसे भारत के सबसे युवा कार्यबल वाले शहरों में से एक बनाता है.
फ्लेक्सिबल वर्क
यहां लगभग 32.9% रिमोट और 23% हाइब्रिड नौकरियों के विकल्प भी है. प्रमुख नियोक्ताओं में आईटी सेक्टर (आइआइटीआईएसएम धनबाद) कॉन्सेन्ट्रिक्स और रिलायंस रिटेल शामिल है. कॉन्सेन्ट्रिक्स एक कॉल सेंटर हैं, जहां दो हजार से अधिक युवा अभी काम कर रहे हैं.
एक्सपर्ट व्यू: पांच वर्षों में पूर्वी भारत का हब बन सकता है
यदि झारखंड सरकार प्रस्तावित औद्योगिक निवेशों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने में सफल रहती है, तो अगले पांच वर्षों में रांची पूर्वी भारत का प्रमुख आइटी, सेवा और स्टार्टअप केंद्र बन सकता है. रांची तेजी से पूर्वी भारत में आईटी, बीपीओ और ज्ञान-आधारित उद्योगों के अगले प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है.- विकास रंजन, जीएम, एचसीएल टेक्नोलॉजी लिमिटेड (वर्क फ्राम होम रांची)
ये भी पढ़ें: सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन पर हाईकोर्ट का आदेश: 10 साल तक मिलेगी 90% पेंशन, फिर मिलेगा पूरा पैसा
ये भी पढ़ें: झारखंड के किसान भी उतरेंगे सड़क पर. 10 अगस्त को देशभर में जेल भरो, रेल रोको और सड़क रोको आंदोलन
