पूर्वी सिंहभूम/ साहिबगंज: रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन का प्रेम तो हमेशा देखने को मिलता है. लेकिन कभी प्रकृति के साथ किसी को इस त्योहार को सेलिब्रेट करते देखा है. पूर्वी सिंहभूम जिले के चकुलिया और साहिबगंज में एक ही ऐसा ही तस्वीर देखने को मिली है. एक ओर जहां साहिबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रवल कुमार गर्ग की अपील पर ग्रामीणों ने जहां पेड़ को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया तो वहीं, पूर्वी सिंहभूम के भातकुंडा पंचायत के सुनसुनिया जंगल में भी ग्रामीणों ने जंगल के पेड़ों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया.
पेड़ों को माना परिवार का सदस्य, लिया रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान भातकुंडा पंचायत के ग्रामीणों ने वृक्षों को परिवार के सदस्य और भाई के समान दर्जा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार एक भाई विपत्ति में अपनी बहन की रक्षा करता है, उसी तरह पेड़ भी आंधी, तूफान, भीषण गर्मी और बारिश जैसी विपरीत परिस्थितियों में मानव जीवन के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं. पेड़ न केवल ठंडी छांव और स्वच्छ हवा प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में भी मुख्य भूमिका निभाते हैं. इसी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने वृक्षों की रक्षा करने और उन्हें नुकसान न पहुंचाने का वचन दिया.
पेड़ कटने से बिगड़ता है प्राकृतिक संतुलन
समारोह में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक पेड़ का कटना केवल एक पौधे का नुकसान नहीं है, बल्कि इससे संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है. जंगलों के घटने से वर्षा चक्र में अनिश्चितता आती है, मृदा अपरदन बढ़ता है और तापमान में वृद्धि होती है. इसके अतिरिक्त, जंगल कम होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होता है, जिससे वे भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं. इसलिए जंगलों की रक्षा करना इंसान और वन्यजीवों दोनों के भविष्य के लिए अनिवार्य है.
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पद्मश्री जमुना टुडू ने बढ़ाया ग्रामीणों का उत्साह
इस अनूठी पहल में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पद्मश्री जमुना टुडू भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं. उन्होंने स्वयं पेड़ों को राखी बांधकर लोगों से जंगलों को बचाने की अपील की. जमुना टुडू ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संवर्धन और पुराने वृक्षों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे जीवन के प्रत्येक शुभ अवसर को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ें.
साहिबगंज के ग्रामीणों ने भी लिया पेड़ों के रक्षा का संकल्प
साहिबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रवल कुमार गर्ग के निर्देश पर वन क्षेत्र मंडरो अंतर्गत फाॅसिल्स पार्क सहित अन्य गांवों में शुक्रवार को वृक्ष रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रति संकल्प दिलाया गया. वहीं, कार्यक्रम के दौरान वन रक्षी अंकित कुमार भी उपस्थित रहे. उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला और वृक्षों की रक्षा एवं संरक्षण का संकल्प दिलाया. इस अवसर पर वन रक्षी अंकित कुमार झा ने ग्रामीणों को वृक्षों के महत्व एवं वन संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ मानव जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने ग्रामीणों से पौधों की देखभाल एवं वनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान सभी ग्रामीणों एवं वनकर्मियों ने वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया. इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया. मौके पर ग्राम प्रधान सहित अन्य वनकर्मी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे.
