राज्यसभा चुनाव: मतगणना से पहले राधाकृष्ण किशोर का दावा, प्रणव झा को मिलेंगे 28.97 वोट

Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर के 28.97 वोट के दावे ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इंडिया गठबंधन और एनडीए के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। मतगणना पर सबकी नजर है क्योंकि परिणाम दूसरी प्राथमिकता के वोटों से भी प्रभावित हो सकते हैं निर्णायक है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट

Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों से पहले वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 28.97 वोट प्राप्त होंगे और उनकी जीत सुनिश्चित है. उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है, क्योंकि सभी दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं.

इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34 विधायक, कांग्रेस के 16 विधायक, राजद के 4 विधायक और माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी संख्या बल के आधार पर गठबंधन ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. झामुमो की ओर से बैजनाथ राम उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को चुनावी मैदान में उतारा है. गठबंधन लगातार दोनों प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहा है.

एनडीए के पास 24 वोट, नथवानी पर दांव

दूसरी ओर एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं. भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. इसी संख्या बल के आधार पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि मौजूदा गणित के अनुसार नथवानी की राह आसान नहीं मानी जा रही है, लेकिन एनडीए के नेता लगातार उनकी जीत का भरोसा जता रहे हैं.

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दूसरी प्राथमिकता के वोटों पर टिकी नजर

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का आंकड़ा जरूरी माना जा रहा है. ऐसे में राधाकृष्ण किशोर का 28.97 वोट का दावा यह संकेत देता है कि कांग्रेस दूसरी प्राथमिकता के वोटों के सहारे भी अपने उम्मीदवार की जीत को लेकर आश्वस्त है. अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हुई हैं. कुछ ही घंटों में यह साफ हो जाएगा कि राजनीतिक दलों के दावे सही साबित होते हैं या चुनावी गणित कोई नया मोड़ लेकर आता है. आखिर लोकतंत्र में अंतिम फैसला बयान नहीं, मतपेटी से निकलने वाले आंकड़े ही करते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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