बारिश से रजरप्पा में भैरवी-दामोदर उफनायी, नदी किनारे की दुकानें जलमग्न

रजरप्पा में भारी बारिश के कारण भैरवी और दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ा, कई दुकानें डूबीं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं को नदी किनारे न जाने की सलाह दी है.

रजरप्पा : सोमवार देर रात से हो रही बारिश के कारण रजरप्पा में भैरवी और दामोदर उफान पर हैं. दोनों का जलस्तर लगातार बढ़ने से किनारे के इलाकों में पानी फैलने लगा है. भैरवी नदी का पानी नदी किनारे स्थित कई दुकानों में घुस गया है. इससे दुकानें जलमग्न हो गयी हैं. जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों में हड़कंप है.

सुरक्षित स्थानों पर सामान ले जाने में जुटे दुकानदार

कई दुकानदार अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं. लगातार बारिश के कारण दामोदर-भैरवी संगम स्थल का नजारा भी पूरी तरह बदल गया है. दोनों नदियों का पानी तेजी से फैल रहा है. तेज बहाव के कारण नदी किनारे जाने में खतरा बढ़ गया है. रजरप्पा मंदिर क्षेत्र स्थित तांत्रिक घाट और मुंडनशाला के करीब भी पानी पहुंचने लगा है. इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गयी है. दामोदर नद का जलस्तर बढ़ने से तांत्रिक घाट के आसपास पानी का फैलाव बढ़ गया है.

निचले इलाकों में भी पानी प्रवेश करने की आशंका

बारिश जारी रहने और नदियों का जलस्तर इसी गति से बढ़ने पर मंदिर क्षेत्र के अन्य निचले इलाकों में भी पानी प्रवेश करने की आशंका है. उधर, नदियों के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गयी है. तांत्रिक घाट, मुंडनशाला और दामोदर-भैरवी संगम स्थल से दूरी बनाने को कहा गया है. नदी किनारे दुकान लगाने वाले लोगों ने भी एहतियातन अपनी दुकानों को समेटना शुरू कर दिया है. लगातार बारिश के कारण पूरे रजरप्पा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गयी है.


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लेखक के बारे में

By शंकर चंद्र पोद्दार

शंकर चंद्र पोद्दार को प्रिंट एवं डिजिटल पत्रकारिता में विशेष रुचि है. वह राजनीति, समाज, शिक्षा तथा क्षेत्रीय घटनाओं और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. पिछले लगभग 12 वर्षों से प्रभात खबर के साथ जुड़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. उनका उद्देश्य जनसरोकार के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हुए समाज और प्रशासन के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करना है.

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