सिल्ली में बारिश का कहर, किता गांव के कई घरों में घुसा पानी; रांची-पुरुलिया सड़क भी टूटी

सिल्ली के किता गांव में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सड़क टूटने और घरों में पानी घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन से मरम्मत की मांग की गई है।

सिल्ली: लगातार हो रही बारिश से किता गांव में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. गांव के कई मोहल्लों में गंभीर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. बारिश का पानी कई ग्रामीणों के घरों में घुस जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण गांव के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है. जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पानी घरों तक पहुंच गया. इससे लोगों को अपने जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के साथ-साथ घर से बाहर निकलने में भी परेशानी हो रही है.

रांची-पुरुलिया मुख्य मार्ग भी प्रभावित

बारिश का असर रांची-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर भी पड़ा है. किता मिडिल स्कूल के सामने सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. सड़क टूटने के कारण यहां राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा बारिश के कारण और खराब हो सकता है. ऐसे में संबंधित विभाग को तत्काल मरम्मत करानी चाहिए, ताकि आवागमन सुरक्षित बना रहे.

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने तथा गांव में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

By Vishnu Giri

मैं मई 1998 से प्रभात खबर में पत्रकारिता कर रहा हूं. सबसे पहले मैने सिटी ऑफिस में फोटो पत्रकारिता से शुरुआत की. तीन सालों तक करने के बाद मैं सिल्ली से खबरें लिखने लगा. इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की हर प्रकार की खबरें लिखी. नियमित रूटीन खबरों के अलावे क्षेत्र की समस्याओं की खबरें, ग्रामीण प्रतिभा पर स्टोरी सहित जनसरोकार की पत्रकारिता से पहचान बनाई. इलाके में सामाजिक कुरीतियों, जाति पाति के भेदभावों वाले समाजिक बुराइयों पर भी स्टोरी किए. अभी करीब दो साल पहले प्रभात खबर ने में छपी एक छुआछूत एवं जाति पाति के भेदभाव की खबर को झारखंड, विहार एवं बंगाल में सर्वश्रेष्ठ स्टोरी का भी सम्मान मिला है. नियमित पत्रकारिता के साथ समय निकालकर शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बनाया करता हूं. मेरी बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म " माटी के सपूत" को 61 वें राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी. अपने केटेगरी की सूची में फिल्म 89 वें नंबर पर रही थी. मैने इग्नू से पत्रकारिता, रेडियो प्रसारण डिप्लोमा एवं मारवाड़ी कालेज से फिल्म निर्माण में का भी डिप्लोमा का कोर्स किया है.

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