- मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फर्जी बैंक गारंटी और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान का मुद्दा उठाया
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग
आनंद मोहन
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (जेएसडीएमएस) में कथित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से हटाकर करोड़ों रुपये का भुगतान किये जाने पर गंभीर सवाल उठाये हैं. मरांडी ने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी के आरोप में ब्लैकलिस्ट की गयी कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट से बाहर निकाला गया, फिर उसे करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और भुगतान के बाद दोबारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. उन्होंने इसे सुनियोजित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताया.
अधिकारियों की भूमिका पर उठाये सवाल
मरांडी ने पूछा कि जब संबंधित कंपनियां फर्जी बैंक गारंटी देने की दोषी थीं, तो उन्हें ब्लैकलिस्ट से हटाने का आदेश किसने दिया और किस नियम के तहत यह फैसला लिया गया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान को किस अधिकारी और किस स्तर पर मंजूरी दी गयी.
उन्होंने कहा कि यदि फर्जी बैंक गारंटी के मामले में एक विभाग के सचिव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी.
राशि की वसूली और समयबद्ध जांच की मांग
प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी धन और पद के दुरुपयोग का है. उन्होंने पूरे मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच कराने, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को किये गये भुगतान की वैधानिकता की जांच कराने और दोषी पाये जाने पर संबंधित लोगों से सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की. मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया.
