प्रतिनिधि, पिपरवार लो टेंडर का विरोध कर रहे स्थानीय पेटी कांट्रेक्टर, डंपर मालिक व मुंशियों का आंदोलन 10वें दिन शुक्रवार को जारी रहा. आंदोलनकारियों को दोपहर में जैसे ही पता चला कि सीएचपी से 16 चक्का हाइवा डंपर लोड लेकर बचरा साइडिंग के लिए रवाना हो गये हैं, वे टेंट छोड़ कर सड़क पर बैठ गये. प्रबंधन द्वारा आंदोलनकारियों से निबटने के लिए भारी संख्या में सीआइएसएफ बलों को लगाया गया. दोपहर से शाम तक तनाव की स्थिति बनी रही. पर, कुछ तकनीकी वजहों से हाइवा डंपर पहुंच नहीं सके. रात्रि आठ बजे तक सीआइएसएफ भी डंपरों के पहुंचने की प्रतीक्षा करते रहे. जानकारी के अनुसार प्रबंधन के पहल पर कई दिनों से आंदोलनकारियों की जय अंबे रोड लाइन कंपनी के साथ वार्ता जारी थी. पर, गुरुवार को अचानक वार्ता विफल हो गयी. वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार को नई कंपनी द्वारा अपने तीन हाइवा डंपरों के उतारने से स्थिति तनावपूर्ण हो गया. ट्रांसपोर्टरों ने प्रबंधन को कहा कि किसी भी हालत में 16 चक्का हाइवा डंपरों का परिचालन नहीं होने दिया जायेगा. वे हमेशा वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन वार्ता सिर्फ जय अंबे कंपनी से होगी. वार्ता में किसी तीसरे पक्ष का दखल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. खबर लिखे जाने तक आंदोलनकारी व सीआइएसएफ बल धरनास्थल पर डटे थे. आंदोलनकारी एनटीपीसी चट्टी बरियातू से आनेवाले हाइवा डंपरों की पहचान कर ही जाने दे रहे थे. इससे पूर्व दोपहर में आंदोलनकारियों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला.
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