बच्चों की मदद के लिए 24 घंटे काम करते हैं हेल्प लाइन नंबर

डालसा की ओर से एसीसी उच्च विद्यालय खलारी में कानूनी जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

एसीसी उच्च विद्यालय खलारी में कानूनी जागरुकता कार्यक्रम

प्रतिनिधि, खलारी

डालसा की ओर से एसीसी उच्च विद्यालय खलारी में कानूनी जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डालसा चाइल्ड प्रोटेक्शन के प्रतिनिधि मुन्नू शर्मा ने कक्षा पांच से लेकर 12 तक के छात्र-छात्राओं को विधिक जानकारी प्रदान की. बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उद्देश्य से अवगत कराया. इसमें विधिक सहायता में नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, आपसी विवाद का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से खत्म करने, चाइल्ड प्रोटेक्शन के तहत गुड टच व बैड टच, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 की मदद, लैंगिक अपराधों के प्रति बनाए गए पाक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम, मोटर दुर्घटना अधिनियम पर सहायता व मुआवजे की जानकारी, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने, डायन बिसाही जादू टोने के खिलाफ जागरूकता, बाल मजदूरी से बचाव, दिव्यांगजनों के लिए विधिक सहायता का लाभ, ड्राप आउट बच्चों को स्कूल लाने का प्रयास, मानव तस्करी के शिकार होने से बचाव, नशापान से दूर रहने की जानकारी, साइबर फ्रॉड के प्रति सजगता, पर्यावरण संरक्षण व एकल माता-पिता के बच्चों के लिए स्पांसरशिप योजना का लाभ के संदर्भ में जानकारी प्रदान की गयी. मुन्नू शर्मा ने कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया कि आजकल बच्चे घरों में माता-पिता की बातों को नजरअंदाज कर गलत संगत में पड़ रहे हैं. उनका खान-पान समुचित आहार सही रूप में नहीं हो पा रहा है. फास्ट फुड के प्रति झुकाव, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है. शिक्षक प्रकाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. मौके पर प्रधानाध्यापक एसएन तिवारी, शिक्षक अजय सिंह, समर सेन, मधु श्रीवास्तव, मन्नू कुमारी, रूबी कुजूर, ममता झा, राजेश सिंह, दीनानाथ कुमार, श्रीकांत शर्मा आदि उपस्थित थे.

बच्चों को मोबाइल के दुरुपयोग से बचाएं :

बच्चे मोबाइल का उपयोग नहीं दुरुपयोग कर रहे हैं. दिन-रात मोबाइल में गेम और अनावश्यक कंटेंट देखने के कारण बच्चों की आंखों में परेशानी होने की संभावनाएं बढ़ गयी है. साथ ही बच्चों के स्वभाव में बदलाव हो रहा है. इसके कारण बच्चे बात-बात पर नाराज, चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं. इससे उनके मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ रहा है.

मानसिक तनाव होने पर भीड़ वाली जगह पर जाएं :

आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बताया कि मानसिक अवसाद या किसी भी परेशानी में लोगों को भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाना चाहिए या अपने परिचित दोस्त परिवार वालों के बीच बैठ कर उनके साथ समस्याओं को साझा करना चाहिए ताकि मन में उत्पन्न तनाव का बोझ मस्तिक से बाहर आ सके और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके.

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