रांची. राजधानी में काली पूजा की तैयारियां शुरू हो गयी है. जगह-जगह पूजा पंडाल बनना शुरू हो गया है. अलग-अलग थीम के साथ कई जगहों पर पूजा पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूजा पंडाल के आसपास मेला लगना भी शुरू हो गया है. इसमें छोटे-बड़े झूले, खाने-पीने के स्टॉल, खिलौनों की दुकानें सजती है. श्री डोरंडा बाजार काली पूजा समिति डोरंडा की ओर से 75वें श्री काली पूजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यहां 1951 से पूजा की जा रही है. इस वर्ष अमेरिका का प्रसिद्ध श्री विष्णु मंदिर का प्रारूप बनाया जा रहा है. समिति की ओर से पांच दिवसीय आयोजन किया जायेगा. पूजा के दौरान यहां मां काली को प्रतिदिन खिचड़ी सब्जी, चटनी और विभिन्न प्रकार के भाजा का भोग लगाया जायेगा. आकर्षक पूजा पंडाल, विद्युत सज्जा और भव्य मेले की तैयारियां अंतिम चरण में है. मां काली की भव्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है. पूरे आयोजन में लगभग 40 लाख रुपये खर्च होंगे.
काल्पनिक पूजा पंडाल में झारखंडी संस्कृति की झलक
कुसई काली पूजा समिति की ओर से काल्पनिक पूजा पंडाल बनाया जा रहा है. इसमें झारखंड के आदिवासी संस्कृति और परंपरा को दर्शाया जा रहा है. इसे जंगल में पायी जाने वाली प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग कर इसे सजाया जा रहा है. पेड़ की छाल, रस्सी, टोकरी, नारियल का छिलका, गेहूं, धान जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पूजा पंडाल बंगाल के 50 कारीगरों तैयार किया जा रहा है. पंडाल के प्रवेश द्वार पर दोनों ओर विशाल हाथों की आकृति बनायी जा रही है. आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ 10 तोरण द्वार भी लगाये जा रहे है. पूजा पंडाल में 10 लाख खर्च हो रहा है. जबकि पूरे आयोजन पर करीब 24 लाख खर्च होंगे. यहां मनोरंजन के लिए मेला और छोटे बड़े कई झूले भी होंगे.कॉसमॉस यूथ क्लब में बन रहा काल्पनिक पूजा पंडाल
कॉसमॉस यूथ क्लब लालपुर की ओर से 1981 से काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस बार भी काली पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में है. इस वर्ष काल्पनिक पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है. इसमें आकर्षक साज सज्जा के साथ लाइटिंग खास रहेगी. 20 अक्तूबर को पूजा पंडाल का उदघाटन होगा. शाम सात बजे आनंदमई मां का महास्नान आरती, नौ बजे मां श्यामा काली की महापूजा, 21 को भोग निवेदन, 22 को सारेगामापा की मधुरिमा द्वारा रंगारंग कार्यक्रम होगा. 23 को सांस्कृतिक कला प्रदर्शन, 24 को प्रतिमा विर्सजन शोभायात्रा निकाली जायेगी. पूरे आयोजन पर करीब 15 लाख खर्च होंगे.
221 लीटर दूध से बनेगा महाप्रसाद
विवेकानंद नव कला प्रगति संघ काली पूजा समिति पत्थर कुदवा की ओर से 12 सालों से लगातार काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस बार भी पूजा की तैयारियां शुरू हो गयी है. यहां काल्पनिक पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है. इसमें 14 फीट की मां काली की प्रतिमा विराजेंगी. वहीं आकर्षक विद्युत सज्जा का काम शुरू हो गया है. समिति ने बताया कि 20 को पूजा पंडाल का उदघाटन होगा. 21 को भोग वितरण, 22 को पूरी हल्वा और सब्जी का भंडारा होगा. 23 को 221 लीटर दूध से खीर महाप्रसाद तैयार किया जायेगा. 24 को विर्सजन शोभायात्रा निकाली जायेगी. पूरे आयोजन पर करीब नौ लाख खर्च होंगे.थड़पखना के पूजा पंडाल में दिखेगी दक्षिण शैली की आकर्षक कारीगरी
अग्रदूत काली पूजा समिति थड़पखना की ओर से 1978 से लगातार काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस बार काल्पनिक पूजा पंडाल का प्रारूप तैयार किया जा रहा है. जिसे बंगाल के कारीगर द्वारा बनाया जा रहा है. पूजा पंडाल में दक्षिण भारतीय शैली की परंपरा आकर्षक रूप में दिखेगी. आकर्षक कारीगरी और विद्युत सज्जा रहेगी. पूजा पंडाल का उदघाटन 20 अक्तूबर को किया जायेगा. तीन दिनों तक भक्तों के बीच भोग वितरण किया जायेगा. पूरे आयोजन में करीब आठ लाख खर्च होंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
