झारखंड हाईकोर्ट ने रांची DPS को भेजा नोटिस, जानें क्या है मामला

प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने डीपीएस रांची को नोटिस जारी किया. अदालत ने डीपीएस प्रंबधन को जवाब दायर करने के लिए कहा है. निजी स्कूलों में आरटीइ अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े बच्चों के नामांकन के लिए 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व हैं

आरटीइ के तहत 25% सीटों पर गरीब बच्चों के नामांकन के मामले में डीपीएस रांची को हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया है. डीएसइ के निर्देश के बाद भी छात्रा अर्वी रानी का डीपीएस रांची में नर्सरी में एडमिशन नहीं लिया गया था. हाइकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई की.

इस दौरान प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने डीपीएस रांची को नोटिस जारी किया. अदालत ने डीपीएस प्रंबधन को जवाब दायर करने के लिए कहा है. अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी.

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने पक्ष रखा. अधिवक्ता श्री सिंह ने अदालत को जानकारी दी कि निजी स्कूलों में आरटीइ अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े बच्चों के नामांकन के लिए 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व हैं. इसके बाद भी डीपीएस ने नामांकन नहीं लिया. यह उनके अधिकारों का हनन है. ज्ञात हो कि अर्वी रानी के पिता राजेश कुमार महतो ने याचिका दायर की है. उन्होंने नामांकन के लिए उचित आदेश देने की मांग की है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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