PM Kisan 13th Instalment: झारखंड के किसानों के खाते में अब आयेगी पीएम किसान की 13वीं किस्त

PM Kisan 13th Instalment|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों को खेती-किसानी के लिए हर साल तीन किस्त में 6,000 रुपये का भुगतान करती है. एक किस्त में 2,000 रुपये पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर किये जाते हैं.

PM Kisan 13th Instalment|प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों के खाते में बहुत जल्द 13वीं किस्त आ सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि फरवरी के महीने में ही पंजीकृत किसानों के खाते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर कर सकते हैं. झारखंड के किसानों के खाते में भी उसी दिन पैसे आ जायेंगे. झारखंड में 31,01,604 किसान पीएम किसान योजना के तहत पंजीकृत हैं. इनमें से 17,32,697 किसानों के खाते में पिछली बार फंड ट्रांसफर किये गये थे.

झारखंड में 56 फीसदी किसानों को ही मिलता है पीएम किसान का पैसा

झारखंड में किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के ट्रांसफर की रेट 56 फीसदी ही है. देश भर के करोड़ों किसानों के साथ-साथ झारखंड के किसानों को भी पीएम किसान की 13वीं किस्त का इंतजार है. कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक पीएम किसान की 13वीं किस्त की राशि जारी करने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाये जा रहे हैं कि इसी महीने पैसे किसानों के बैंक अकाउंट में आ जायेंगे.

तीन किस्त में 6,000 रुपये किसानों को देती है पीएम मोदी की सरकार

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों को खेती-किसानी के लिए हर साल तीन किस्त में 6,000 रुपये का भुगतान करती है. एक किस्त में 2,000 रुपये पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर किये जाते हैं. किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी.

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3.16 करोड़ किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी पहली किस्त

दिसंबर 2018 में इसकी शुरुआत हुई थी. पहली किस्त 3.16 करोड़ (3,16,14,710) किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गयी थी. इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गयी. अप्रैल-जुलाई 2022 में पीएम किसान के लाभुकों की संख्या बढ़कर 11,27,72,411 हो गयी. हालांकि, अंतिम बार जब अगस्त और नवंबर 2022 में पीएम मोदी ने किसानों के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किये, उस वक्त किसानों की संख्या घटकर 8,99,22,984 रह गयी.

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13वीं किस्त चाहिए, तो न करें ये गलतियां

भारत सरकार की ओर से पीएम किसान की 12 किस्तें अब तक जारी की जा चुकीं हैं. अगर आप 13वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें हैं, जिसका आपको ध्यान रखना होगा. इस योजना का लाभ लेने केलिए उन गलतियों से बचना है. वरना आपके पैसे अटक जायेंगे. हम आपको बता दे रहे हैं कि आपको कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी हैं…

  • यदि आप 13वीं किस्त के रूप में 2,000 रुपये चाहते हैं, तो ई-केवाईसी जरूर करवा लें. ई-केवाईसी नहीं करवायेंगे, तो आपके बैंक अकाउंट में पीएम किसान की अगली किस्त आयेगी, इस बात की गारंटी नहीं है.

  • पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in से या अपने आसपास के किसी भी प्रज्ञा केंद्र (सीएससी सेंटर) पर जाकर ई-केवाईसी आसानी से करवा सकते हैं.

  • अगर आप चाहते हैं कि आगे की किस्तें भी आपके बैंक अकाउंट में आती रहें, तो आपको अपनी जमीन का सत्यापन यानी भू-सत्यापन करवा लेने की जरूरत है. पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों के लिए भू-सत्यापन करवाना अनिवार्य कर दिया गया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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