श्रावण की त्रयोदशी पर पहाड़ी मंदिर में बाबा के भक्तों ने की विशेष पूजा

Pahari Mandir Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में श्रावण मास की त्रयोदशी तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा की. पहाड़ी मंदिर के पुजारी कहते हैं कि सावन के महीने में हर तिथि का विशेष महत्व होता है. त्रयोदशी तिथि को भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का महत्व अन्य तिथि पर होने वाली पूजा से विशेष है.

Pahari Mandir Ranchi: श्रावण माह में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना होती है. राजधानी रांची में पहाड़ी बाबा की महिमा बाबाधाम के बाबा बैद्यनाथ से कम नहीं है. सावन में हर दिन यहां श्रद्धालु आते हैं. श्रावण की सोमवारी पर तो यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है. बुधवार श्रावण कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर महादेव की पूजा का विशेष महत्व है. इसलिए हजारों भक्तों ने आज पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक किया.

श्रावण मास की हर तिथि का होता है विशेष महत्व

पहाड़ी मंदिर के पंडित ने बताया कि श्रावण मास में हर एक तिथि का विशेष महत्व होता है. इन सबों में त्रयोदशी तिथि की पूजा का अपना अलग ही महत्व है. इस दिन कई भक्त उपवास रखकर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. प्रदोष काल में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा होती है.

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घरों में लोग पार्थिव महादेव का भी करते हैं पूजन

उन्होंने बताया कि त्रयोदशी तिथि को मिट्टी का महादेव बनाकर लोग घरों में पूजा करते हैं. इसे पार्थिव शिवलिंग की पूजा कहते हैं. आज हजारों श्रद्धालुओं ने रांची में पहाड़ी मंदिर में पूजा की. पहाड़ी बाबा का जलार्पण किया. दोपहर में पहाड़ी बाबा का विशेष शृंगार किया गया. भोलेनाथ को विभिन्न फल आदि अर्पित किया गया और फिर उसे प्रसाद के रूप में भक्तों के बीच वितरित किया गया.

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रांची के अलावा अन्य जिलों से भी पहाड़ी मंदिर पहुंचे भक्त

पहाड़ी बाबा की पूजा के लिए रांची और उसके आसपास के इलाकों के अलावा दूसरे जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे थे. भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. शाम में भी मंदिर की साफ-सफाई के बाद संध्या शृंगार हुआ. प्रसाद का वितरण भी किया गया. रात 9 बजे के बाद बाबा भोलेनाथ का पट बंद कर दिया गया.

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By Mithilesh Jha

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