रांची. झारखंड में इस वर्ष धान की संभावित अच्छी पैदावार को देखते हुए सरकार ने सरकारी खरीद की तैयारी शुरू कर दी है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक में धान खरीद, परिवहन और भंडारण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया.
इस बार किसानों की जमीन का सत्यापन करने के बाद ही उनकी जमीन के अनुरूप धान की खरीद की जायेगी. वहीं धान के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जायेगा. इससे यह पता चल सकेगा कि धान किस किसान से खरीदा गया, किस खरीद केंद्र पर पहुंचा, किस वाहन से परिवहन हुआ और किस मिलर को भेजा गया.
बिचौलियों पर रोक लगाने की तैयारी
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वास्तविक किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंचाना है. ऑनलाइन व्यवस्था से धान खरीद की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सकेगी और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.
50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था. चालू वित्तीय वर्ष में 50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही 19 लाख क्विंटल चावल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
15 नये गोदाम बनेंगे
धान के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 15 नये गोदाम बनाये जायेंगे. इससे सरकारी खरीद के बाद धान के भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है.
25 हजार से अधिक डीलरों के बकाया कमीशन का होगा भुगतान
बैठक में पीडीएस डीलरों के बकाया कमीशन का मुद्दा भी उठा. मंत्री ने कहा कि राज्य के 25 हजार से अधिक डीलरों के एक वर्ष के बकाया कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी की जायेगी. डीलरों के भार मापक यंत्र के वार्षिक नवीनीकरण पर लगने वाली राशि माफ करने का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल को भेजा गया है.
एमएसपी के मुद्दे पर केंद्र से होगी बातचीत
मंत्री ने कहा कि धान अधिप्राप्ति और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों को लेकर वह जल्द केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. बैठक में विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.
