वेद भारत की प्राचीन संस्कृति को संजोये हुए हैं: डा कमलेश

डीएवी स्कूल खलारी में गुरुवार को वेद प्रचार सप्ताह के उपलक्ष्य में वैदिक हवन का आयोजन किया गया.

खलारी. डीएवी स्कूल खलारी में गुरुवार को वेद प्रचार सप्ताह के उपलक्ष्य में वैदिक हवन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर संस्कृत आचार्य उपेंद्र कुमार आर्य ने चतुर्वेद मंत्रों के साथ उपस्थित लोगों से आहुति दिलवायी. हवन के दौरान विद्यालय के प्राचार्य डॉ कमलेश कुमार ने सभी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वेद भारत की पहचान है. वेदों ने ही भारत माता की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को संजोकर रखा है. उन्होंने कहा कि वेद मार्ग पर चल कर विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है, जो वर्तमान समय की आवश्यकता है. प्राचार्य ने कहा कि वेद हमें ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मार्ग पर चलना सिखाते हैं, जो भारत की संस्कृति और विचारधारा का आधार है. उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सभी वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, गीता आदि ग्रंथों का अध्ययन करें, क्योंकि ये प्राचीन ग्रंथ हमें सत्य और मानवता के मार्ग पर चलना सिखाते हैं. कार्यक्रम के अंत में ऋषि लंगर का आयोजन हुआ. हवन के पश्चात विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया.

डीएवी खलारी में वेद प्रचार सप्ताह का आयोजन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DINESH PANDEY

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >