300 गड्ढों को पार कर तय करनी पड़ती है 26 किमी की दूरी

मुरी-गोला मार्ग की स्थिति पहले से ही जर्जर थी. अब बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी बदहाल हो गयी है. 26 किमी लंबी इस सड़क पर 300 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे उभर आये हैं. इ

सिल्ली.मुरी-गोला मार्ग की स्थिति पहले से ही जर्जर थी. अब बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी बदहाल हो गयी है. 26 किमी लंबी इस सड़क पर 300 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे उभर आये हैं. इन गड्ढों में गिरने और सड़क दुर्घटना से अब तक कई लोगों की जानें जा चुकी है, जबकि अनगिनत लोग घायल हो चुके हैं. स्थिति यह है कि लोग अब इस सड़क से चलने से कतराने लगे हैं. इस सड़क पर कुतरू के पास इतना बड़ा गड़्ढ़ा उभर आया है कि एक छोटी गाड़ी समा सकती है. इतना ही नहीं पूरे रास्ते पर सैकड़ों गड्ढे उभर आये हैं. सबसे दयनीय स्थिति तो उरगगढ़ा नदी एवं स्वर्णरेखा नदी पर बने पुल की है, जहां बड़े-बड़े गढ़े उभर आये हैं. बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भरे रहने के कारण लोगों को अंदाजा नहीं मिल पाता है और हादसे के शिकार हो जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार उरंगगढ़ा पुल पर दर्जनों बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लोगों की जान तक चली गयी है. इन गड्ढों के कारण 26 किमी की दूरी तय करने में 50 मिनट लग जा रहा है. ऐसे में लोग गोला जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग की तलाश में रहते हैं. ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों से गुहार लगायी गयी, लेकिन समस्या जस की तस है.

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