रांची. एनटीपीसी की सीएसआर पहल के तहत परियोजना प्रभावित परिवारों के 30 युवाओं को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया. हजारीबाग स्थित एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के इन युवाओं ने सात महीने का आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया.
टाटीसिलवे स्थित फ्रंटलाइन ग्लोबल सर्विसेज चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रशिक्षण केंद्र में प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का संचालन भी इसी संस्था की ओर से किया गया.
समारोह में एनटीपीसी माइनिंग मुख्यालय के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रभात राम और फ्रंटलाइन ग्लोबल सर्विसेज चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सह-संस्थापक समेत अन्य लोग मौजूद थे.
गेस्ट सर्विस एसोसिएट का प्रशिक्षण
युवाओं ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के ‘गेस्ट सर्विस एसोसिएट (फूड एंड बेवरेज)’ पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण लिया. इसमें उन्हें होटल, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में काम करने के लिए जरूरी उद्योग आधारित कौशल प्रदान किये गये.
प्रशिक्षण का उद्देश्य परियोजना प्रभावित युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें स्थायी आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना है.
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आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख
समारोह में प्रभात राम ने प्रशिक्षुओं को अपने कौशल और क्षमता को पहचानने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि युवाओं को बाहरी दुनिया का सामना करने से डरना नहीं चाहिए. आत्मविश्वास, समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने पर नये अवसर मिलते हैं और जीवन में बदलाव आता है.
रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
एनटीपीसी की यह पहल केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है. इसके जरिये परियोजना प्रभावित युवाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. एनटीपीसी की ओर से परियोजनाओं से जुड़े समुदायों के लिए ऐसी दीर्घकालिक और रोजगारपरक सीएसआर पहल जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है.
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