Ranchi news : रिम्स डेंटल कॉलेज घोटाला मामले में 10 साल बाद भी कार्रवाई नहीं

उपकरण घोटाला के आरोपियों का स्पष्टीकरण एक साल से रिम्स के पास पड़ा है. 200-250 फीसदी ज्यादा कीमत पर हुई थी खरीदारी, 2020 में पकड़ी गयी थी गड़बड़ी.

रांची. रिम्स डेंटल कॉलेज में वर्ष 2015 में उपकरण घोटाला हुआ था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. प्रबंधन चिह्नित आरोपियों से अभी तक स्पष्टीकरण ही ले रहा है. अंतिम बार पूछे गये स्पष्टीकरण की कॉपी रिम्स के पास करीब एक साल से पड़ी है, लेकिन इस पर कार्रवाई तय नहीं की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2021 में चिह्नित आरोपियों से रिम्स प्रबंधन ने उनका पक्ष लिया था.

कई उपकरणों को वर्षों तक ढंक कर रखा गया

यहां बता दें कि महालेखाकार की जांच टीम ने 28 सितंबर 2020 को डेंटल कॉलेज में उपकरण की खरीद में गड़बड़ी पकड़ी थी. जांच टीम ने पाया था कि उपकरणों को 200 से 250 फीसदी ज्यादा कीमत पर खरीदा गया है. वहीं, ज्यादा उपकरण की खरीद के कारण दर्जनों डेंटल चेयर पड़े रह गये. उनका एक बार भी उपयोग भी नहीं हुआ. कई उपकरणों को वर्षों तक ढंक कर रखा गया. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि जीबी में 5.80 करोड़ की खरीद पर सहमति बनी थी. इसे बढ़ाकर 9.29 करोड़ किया गया, जबकि बाद में यह राशि 37.42 करोड़ हो गयी. उस समय बाजार में डेंटल चेयर की कीमत 6.25 लाख थी, लेकिन उसे 200 फीसदी अधिक कीमत पर 14.28 लाख और डेंटल वैन की कीमत उस समय 23 से 41 लाख थी, जिसे 1.48 करोड़ में खरीदा गया था.

रिम्स में रक्तदान करनेवालों को मिलेगा डोनर कार्ड

रांची.

रिम्स में रक्तदान करने वालों को फिर से डोनर कार्ड दिया जायेगा. प्रबंधन ने डोनर कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शीघ्र ही डोनर कार्ड जारी होगा. यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद लिया गया है. डोनर कार्ड की वैधता छह माह होगी. रिम्स में पहले भी डोनर कार्ड दिया जाता था. इसकी वैधता एक साल की होती थी, लेकिन दुरुपयोग होने के कारण इसे बंद कर दिया गया था. यहां बता दें कि स्वैच्छिक रक्तदान और शिविर को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डोनर कार्ड जारी करने का फैसला लिया है. वहीं, डोनर कार्ड का दुरुपयोग न हो, इसके लिए रक्तदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जायेगा. रक्तदाता को फोटो युक्त डिजिटल सर्टिफिकेट भी मिलेगा, जिसमें आधार कार्ड का डिटेल लिया जायेगा. इधर, विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य समितियों को आदेश दिया गया है कि वह सभी ब्लड बैंक से प्रतिवेदन लें.

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Published by: Rajiv kumar

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