झारखंड विधानसभा में गूंजा- बाहरी मंत्री नाय चलतो के नारे, नियोजन नीति पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग

सदन के बाहर और अंदर भाजपा विधायकों ने सरकार द्वारा कैबिनेट से पारित नियोजन नीति का विरोध किया. भाजपा विधायक 60-40 नाय चलतो स्लोग्न लिखी टी-शर्ट पहन का सदन पहुंचे थे.

सरकार द्वारा 2016 से पूर्व की नीति के आधार पर नियोजन को लेकर विपक्ष आक्रामक है. नियोजन नीति के खिलाफ विपक्ष का शोर थम नहीं रहा है. मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही भाजपा विधायकों हो-हंगामा के कारण बाधित रही. भाजपा विधायक वेल में घुस गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष के विधायक ‘बाहरी मंत्री नाय चलतो’, ‘बांग्लादेश नाय चलतो’, ‘60-40 नाय चलतो’ के नारा लगा रहे थे.

सदन के बाहर और अंदर भाजपा विधायकों ने सरकार द्वारा कैबिनेट से पारित नियोजन नीति का विरोध किया. भाजपा विधायक 60-40 नाय चलतो स्लोग्न लिखी टी-शर्ट पहन का सदन पहुंचे थे. मंगलवार को पहली पाली में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने 2016 के पूर्व की नीति के आधार पर नियोजन को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करने लगे. विपक्ष के विधायकों का कहना था कि सरकार इसपर जवाब दे.

स्पीकर रबींद्रनाथ महतो का कहना था कि चर्चा के क्रम में बात आयेगी. विपक्ष के विधायक मानने के लिए तैयार नहीं थे. स्पीकर श्री महतो भाजपा विधायकों को बार-बार शांत करा रहे थे. उन्होंने विधायकों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह कर रहे थे. भाजपा विधायक सुनने के लिए तैयार नहीं थे. विपक्ष इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री का जवाब देने की मांग पर अड़ा था. पहली पाली में हो-हंगामा के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई.

अनंत लाये थे कार्यस्थगन प्रस्ताव :

मंगलवार को सदन में नियोजन नीति को लेकर भाजपा विधायक अनंत ओझा कार्यस्थगन प्रस्ताव लाये. विधायक श्री ओझा मांग थी सरकार की नीति के कारण युवाओं में भ्रम की स्थिति है. सरकार इसको गंभीरता से ले. इस पर विशेष चर्चा हो. राेजगार सृजन के लिए साफ नियत और स्पष्ट नीति की जरूरत है.

राज्य में बेरोजगार प्रताड़ित हो रहे हैं, सीएम एक लाइन तो बोलें : नीलकंठ

भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने सदन में कहा कि झारखंड में सबसे ज्यादा बेरोजगार प्रताड़ित हो रहे हैं. सरकार नयी नीति लेकर आयी है. सरकार बताये कि 1932 का क्या हुआ? अब 2016 की नीति लागू करने जा रहे हैं. 60-40 क्या है? हम सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करना चाहते हैं. हम मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहे हैं. मुख्यमंत्री एक लाइन तो बोलें.

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