ranchi news : हर्बल कलर के साथ स्मोक स्काई शॉट, स्मोक बम, होली पायरो गन का बढ़ा क्रेज, होली के लिए बुक की जा रही फॉग और फोम मशीन
होली का जश्न पहले से भी ज्यादा रंगीन और शानदार होने लगा है. युवा वर्ग डीजे म्यूजिक पर झूमते हुए होली का जश्न मना रहे हैं.
रांची. होली का काउंटडाउन शुरू है. गांव हो या शहर सभी होली के रंग में रंगने लगे हैं. बाजार सज-धजकर तैयार हैं. जगह-जगह होली पार्टियां हो रही हैं. होली मिलन समारोह हो रहे हैं. जमकर अबीर-गुलाल उड़ाये जा रहे हैं. हालांकि यह परंपरा पुरानी हैं. इसलिए आज की हमारी रिपोर्ट नयी वाली होली पर है. क्योंकि होली का जश्न पहले से भी ज्यादा रंगीन और शानदार होने लगा है. युवा वर्ग डीजे म्यूजिक पर झूमते हुए होली का जश्न मना रहे हैं. डीजे म्यूजिक की धुन पर फॉग, फाॅम, फ्लावर, स्मोक कलर के साथ होली का रंग और गाढ़ा होता जा रहा है. जबकि पारंपरिक होली मिलन समारोहों में रंग-अबीर के साथ उल्लास मनाया जा रहा है.
डीजे म्यूजिक की बढ़ती मांग
रंग-गुलाल के साथ अब होली में डीजे और म्यूजिक का भी खास महत्व हो गया है. दोस्तों के ग्रुप, मोहल्लों और सोसाइटी में डीजे और साउंड सिस्टम बुक किये जा रहे हैं. इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े व्यवसायी संजीव शर्मा के अनुसार : इस साल डीजे और साउंड सिस्टम की मांग पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी हो गयी है. लोग औसतन 10 से 15 हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं. सार्वजनिक होली इवेंट्स की संख्या में भी अच्छी-खासी वृद्धि देखी गयी है. कोरोना काल से पहले सिर्फ 2-4 होली इवेंट होते थे, लेकिन इस साल लगभग 15 बड़े होली इवेंट्स आयोजित किये जा रहे हैं. इनमें युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.फॉग और फोम होली का नया ट्रेंड
होली खेलने के लिए नये-नये ट्रेंड उभर रहे हैं. इस बार फॉग होली और फोम होली का क्रेज बढ़ गया है. इसके लिए लोग फॉग मशीन और फोम मशीन की बुकिंग करायी जा रही है. फॉग मशीन दो से चार हजार रुपये तक में बुकिंग की जा रही है, वहीं फोम मशीन के लिए चार से पांच हजार रुपये दिये जा रहे हैं.कलर बम और पायरो गन से होगी रंगों की बौछार
पिचकारी के साथ अब होली में नये इक्विपमेंट्स का भी इस्तेमाल होने लगा है. युवा वर्ग अब होली पायरो गन मंगवा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रंग भरकर छोड़ा जाता है, जिससे रंगों का फॉग बनता है. इसके अलावा, स्मोक स्काई शॉट और कलर बम भी होली के जश्न में चार चांद लगाने के लिए इस्तेमाल किये जा रहे हैं.मिट्टी और कीचड़ वाली होली का अपना अलग मजा
युवाओं के अनुसार, मिट्टी और कीचड़ वाली होली खेलने का मजा किसी और तरीके से नहीं मिल सकता. कई मोहल्लों में खास होली खेलने के लिए मैदानों में गड्ढे बनाये जा रहे हैं, ताकि मिट्टी और कीचड़ की होली खेली जा सके.प्री-होली सेलिब्रेशन का बढ़ता ट्रेंड
रांची की फीमेल डीजे योशिका बताती हैं कि शहर में प्री-होली सेलिब्रेशन का चलन बढ़ा है. युवा होली से पहले ही होली पार्टियों में जमकर इन्जॉय कर रहे हैं. इसमें हिंदी, पंजाबी, भोजपुरी और नागपुरी गानों की धूम रहती है.बॉलीवुड के पुराने गाने अब भी फेवरेट
डीजे नेत्रा के अनुसार होली के प्री-सेलिब्रेशन इवेंट्स में अब देश-विदेश के आर्टिस्ट भी परफॉर्म कर रहे हैं. हालांकि, बॉलीवुड के सदाबहार होली गीत आज भी लोगों के फेवरिट हैं. इसके साथ ही भोजपुरी, पंजाबी और नागपुरी गानों को भी खूब पसंद किया जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
