NEET Counseling 2022: मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू, विद्यार्थी रहें तैयार

नीट यूजी 2022 के रिजल्ट के आधार पर मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. पहले चरण में मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ऑल इंडिया कोटा की 15% सीट पर नामांकन पूरा करेगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है.

Neet Counseling 2022: नीट यूजी 2022 के रिजल्ट के आधार पर मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. पहले चरण में मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ऑल इंडिया कोटा की 15% सीट पर नामांकन पूरा करेगी. इसके बाद राज्य स्तरीय मेडिकल कॉलेजों की 85% सीटों पर जेसीइसीइबी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करेगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है. ज्ञात हो कि नीट का रिजल्ट सात सितंबर को जारी हुआ था. इसमें राज्य के 15154 विद्यार्थी सफल हुए हैं.

ये दस्तावेज होंगे जरूरी
  • मेडिकल काउंसलिंग के जरिये विद्यार्थी देश भर के मेडिकल कॉलेजों एम्स, जिपमर, डिम्ड मेडिकल कॉलेज, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों के लिए च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे.

  • सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 10000 रुपये जमा करना होगा.

  • आवेदन के समय तीन पासपोर्ट फोटो और सीट आवंटन पत्र होना चाहिए.

  • सीट स्वीकृति के लिए इंटरनेट बैंकिंग से शुल्क जमा करने का प्रमाण, यूजी नीट स्कोर कार्ड, एडमिट कार्ड, 10वीं व 12वीं कक्षा का मार्कशीट, एसटी-एससी-ओबीसी-इडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज की जरूरत होगी.

मेडिकल काउंसलिंग के लिए तैयार रहें विद्यार्थी : पंकज सिंह
  • रैंक के आधार पर कॉलेज का लिस्ट तैयार रखें

  • अपने रैंक का रिवीजन बीते वर्ष के कटऑफ से करें

  • च्वाइस फिलिंग के लिए इच्छानुसार और रैंक के आधार पर 10 कॉलेज की सूची तैयार करें

  • बीते वर्ष ऑल इंडिया कोटा पर हुए नामांकन के क्लोजिंग रैंक से अपनी स्थिति का आकलन करें

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नीट में सफल विद्यार्थियों को काउंसलिंग में क्लोजिंग रैंक और यूजी नीट के अंक को महत्व देना है. उदाहरण स्वरूप जेनरल कैटेगरी के विद्यार्थी के लिए किसी कॉलेज का ओपनिंग रैंक 89 और क्लोजिंग रैंक 14989 रहा, तो छात्र का चयन नीट मार्क्स 611 पर हुआ होगा. वहीं, ओबीसी विद्यार्थी का नीट मार्क्स 614 रहा हो तो इस परिस्थिति में सीट की प्राथमिकता बदल जायेगी.

एमबीबीएस और बीडीएस के पिछले दो वर्ष का क्लोजिंग रैंक 

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