राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन, उपभोक्ता संरक्षण कानून पर होगी बहस, 24 नवंबर को राज्यपाल होंगे शामिल

Moot Court Competition: रांची में राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मूट कोर्ट प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है. यह कार्यक्रम 24 नवंबर तक चलेगा. कार्यक्रम को लेकर लॉ यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति प्रोफेसर डॉ. अशोक आर पाटिल ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय लगातार यह प्रयास कर रहा है कि हमारे छात्रों को बेहतर अवसर मिले.

Moot Court Competition: राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय रांची में आज (22 नवंबर) से राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आगाज हो गया है. प्रतियोगिता NUSRL के उपभोक्ता शोध और नीति विभाग की ओर से आयोजित की गई है. यह भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सहयोग से हो रही है. प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित विधि विद्यालयों के प्रतिभागी और न्यायिक विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं.

मुख्य अतिथि ने गिनाए कार्यक्रम के फायदे

प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. रणबीर सिंह, प्रो चांसलर, IILM गुरुग्राम, पूर्व कुलपति, NLU दिल्ली और NALSAR हैदराबाद शामिल रहे हैं. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए जरूरी है. उन्होंने मूट कोर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के कई फायदे भी गिनाए. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि बसंत कुमार गोस्वामी, कार्यवाहक अध्यक्ष, राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, झारखंड ने भी अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि आज नई तकनीक के साथ कानून के छात्रों को कई तरह की आधुनिक सुविधाएं मिल रही है. उपभोक्ता मंचों के विकास में कानूनी शिक्षा की अहम भूमिका है.

बेहतर अवसर देने की कोशिश

NUSRL लॉ यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति प्रोफेसर डॉ. अशोक आर पाटिल ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय लगातार यह प्रयास कर रहा है कि हमारे छात्रों को बेहतर अवसर मिले. उपभोक्ता संरक्षण कानून को छात्र बेहतर ढंग से समझ सकें, इसके लिए हम कई तरह के साझा कार्यक्रम कर रहे हैं. भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का सहयोग हमें मिलता रहा है.

इस पूरी प्रतियोगिता के विषय में सोनी भोला ने जानकारी दी और इसके महत्व को समझाया. वहीं, सत्र का समापन डॉ. श्रीमंशु दास, सहायक प्रोफेसर, NUSRL, रांची की ओर से धन्यवाद ज्ञापन से हुआ. यह प्रतियोगिता उपभोक्ता संरक्षण कानूनों पर विचार-विमर्श का एक शानदार मंच प्रस्तुत करेगी जिसमें एक प्रतिष्ठित न्यायिक पैनल और कानूनी विशेषज्ञ भी भाग लेंगे. प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागी कड़ी कानूनी बहस में भाग लेंगे, जो उपभोक्ता अधिकारों के बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं.

राज्यपाल लेंगे हिस्सा

प्रतियोगिता का समापन 24 नवम्बर 2024 को होना है. झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार अंतिम सत्र में शामिल होंगे और छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे. सत्र के अंतिम दिन प्रमुख वक्ता अनुपम मिश्र, जॉइंट सेक्रेटरी, उपभोक्ता मामले मंत्रालय, भारत सरकार और माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल होंगे.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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