झारखंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह का बदला स्वरूप, ध्वजारोहण से पहले होगा ‘वंदे मातरम’ का गायन

स्वतंत्रता दिवस पर राज्य से पंचायत स्तर तक राष्ट्रगीत गायन अनिवार्य। गृह मंत्रालय ने जारी की एसओपी, जानें समारोह की पूरी रूपरेखा।

रांची: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस बार राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक आयोजित होने वाले सरकारी समारोहों में राष्ट्रगीत (वंदे मातरम) का भी गायन होगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 अगस्त के समारोह को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं. इसमें ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान (जन-गण-मन) के आयोजन को लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा दी गयी है.

झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने भी केंद्र के निर्देश के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है. निर्देश के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह राज्य, जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर आयोजित किये जायेंगे. राज्य स्तर के समारोह में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के तहत सबसे पहले राष्ट्रगीत का गायन भी होगा.

उसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्र ध्वज फहराया जायेगा. उसके बाद राष्ट्रगान होगा. इसके बाद पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड, एनसीसी आदि की टुकड़ियों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जायेगा. फिर मुख्यमंत्री का संबोधन होगा. इसके बाद राष्ट्रगीत तथा उसके बाद राष्ट्रगान होगा.

जिला से पंचायत स्तर तक भी आयोजन

जिला स्तर पर मंत्री या उपायुक्त द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा. अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ध्वजारोहण करेंगे. पंचायत स्तर पर मुखिया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जायेगा. इन सभी स्तरों पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत-संगीत और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है.

प्रमुख स्थानों पर देशभक्ति अभियान

केंद्र के दिशा-निर्देश में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रमुख स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने और पौधरोपण करने पर भी जोर दिया गया है. सरकारी विभागों और शैक्षणिक संस्थानों को पौधरोपण अभियान में भाग लेने को कहा गया है. साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भोजन और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया है.

एट होम में 25 से 50 विशिष्ट लोगों को बुलाने का सुझाव

राज्यपाल या उपराज्यपाल की ओर से स्वतंत्रता दिवस की शाम एट होम समारोह आयोजित किया जा सकता है. इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया गया है. इनमें दिव्यांगजन, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले लोग, पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति, खिलाड़ी, पद्म पुरस्कार विजेता, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, महिला सरपंच, विद्यार्थी और युवा शामिल हैं. ऐसे 25 से 50 लोगों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया गया है.

343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देशभर में 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे. केंद्र ने स्थानीय प्रशासन को इसके लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. साथ ही भाषण, सामाजिक माध्यमों और अन्य माध्यमों से देशभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को प्रसारित करने पर जोर दिया गया है.


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लेखक के बारे में

By Sunil choudhary

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.
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