मां ईश्वर कर रूप होती हैं : संजय सेठ

राजनेता मां के आशीर्वाद के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकल रहे हैं. ऐसे में मां का आशीर्वाद सबसे अहम होता है.

रांची. राजनेता मां के आशीर्वाद के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकल रहे हैं. ऐसे में मां का आशीर्वाद सबसे अहम होता है. सांसद संजय सेठ की माता स्व करुणा सेठ इस अब इस दुनिया में नहीं हैं. 22 साल पहले वह दुनिया से चल बसीं. लेकिन मां का प्यार और आशीर्वाद श्री सेठ हमेशा अपने साथ महसूस करते हैं. तभी तो उनके आशीर्वाद से चुनौतियों को पार कर बुलंदियों को छू रहे हैं. श्री सेठ कहते हैं कि मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं. लेकिन मां के स्वरूप में रांची के हर परिवार की मां मेरी मां हैं. दुनिया में मां से बड़ा कोई शब्द नहीं है. मां काली, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा और मां सरस्वती हमारी संस्कृति रही हैं. सृष्टि में मां से बड़ा कोई शब्द नहीं. संजय सेठ ने बताया कि मां जब तक जिंदा रहीं, वह मां के पैर में सो जाया करते थे. उनके पैर दबाकर ही सोते थे. घर देर रात आने पर भी मां जगी रहती थीं. मां सोती नहीं थीं. उनके आने के बाद ही मां सोती थीं. मां और पिताजी के पैर दबाने के बाद ही उन्हें नींद आती थी. यह आदत बचपन से ही उनके अंदर थी. मां से बड़ा प्यार दुनिया में नहीं होती है.

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By Prabhat khabar news desk

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