Ranchi news : 50 हजार से अधिक केसीसी धारक को नहीं मिलेगा पीएम आवास

झारखंड को पठारी राज्यों की सूची से बाहर किया गया, लाभुक को मिलेंगे 1.20 लाख. झारखंड सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को लाभुकों का सर्वे करने को कहा है.

रांची. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अगले पांच साल तक चलेगी. वित्तीय वर्ष 2029-30 में यह समाप्त होगी. भारत सरकार ने पूरे देश में करीब दो करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है. भारत सरकार ने सभी राज्यों को प्रधानमंत्री आवास के लाभुकों की 2018 में बनी सूची को अपडेट करने का निर्देश दिया है. वहीं, जिनके पास 50 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड होगा, उनको पीएम आवास नहीं मिलेगा.

झारखंड सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पीएम आवास योजना के लाभुकों का सर्वे करने को कहा है. ज्ञात हो कि झारखंड को पठारी राज्यों की सूची से बाहर कर दिया गया है. पठारी राज्यों की सूची में अब केवल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर के साथ लद्दाख है. यहां के लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 1.30 लाख रुपये दिये जायेंगे. शेष राज्यों के लाभुकों को 1.20 लाख रुपये दिये जायेंगे. अगले पांच साल का लाभुक तय करने के लिए भारत सरकार ने दिशा-निर्देश दिया है.

इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ

10 प्रकार के लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ नहीं देने का निर्देश दिया गया है. जिनके पास तीनपहिया या चारपहिया वाहन है, जिनके घर का कोई भी सदस्य सरकारी योजना का लाभुक है, जिनका गैर कृषि कार्य का उद्यम निबंधित हो, घर का कोई सदस्य 15 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक कमाता हो, इनकम टैक्स व प्रोफेशनल टैक्स देने वालों, 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित जमीनवाले व जिनके पास पांच एकड़ से अधिक असिंचित जमीन है, वैसे लोगों को इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा.

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